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आयुष्मान योजना से जिले की 32 हजार लोगों हुए लाभान्वित लाभार्थी अब खुद बना सकेगे अपना कार्ड

विकास तिवारी

मिर्जापुर। आयुष्मान योजना के तहत अअब लाभार्थी अपना स्वयं कार्ड बना सकेगे। यह सुविधा महीने के अन्त तक एप के माध्यम से उपलब्ध करा दिया जायेगा। इस आशय की जानकारी जिला कार्यक्रम समन्वयक संजीव कुमार पाठक ने दी।

आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि अभी तक योजना के तहत जिले के छह लाख तीस हजार लोगों का कार्ड बनाया जा गया है और उनमें से 32 हजार लोगों ने योजना का लाभ भी पहुंचाया गया है। लेकिन अब योजना को गति देने के लिए एप पर काम हो रहा है जिससे लाभार्थी अब अपने मोबाइल से ही अपने कार्ड बना सकेगे। यह सुविधा इनको महीने के अन्त तक उपलब्ध करा दिया जायेगा। जो एक सराहनीय कदम होगा।

केस 1.ग्राम साहपुर चौसा की निर्मला फरवरी 2021 में गर्भवती हुई। प्रसव के लिए उसने निजी चिकित्सालयों में संपर्क किया तो डॉक्टरों ने लगभग एक लाख रुपये का खर्च बताया।पति किसानी करते हैं और परिवार आय भी सीमित है। इसलिए अस्पताल का खर्च उठा पाने में परिवार असमर्थ था। इसी बीच गांव में कार्यरत राधिका आशा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ अस्पतालों में निशुल्क प्रसव की सुविधा है।इसके बाद आशा की मदद से निर्मला का आयुष्मान कार्ड बना और जिला महिला चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर सजय पाण्डेय की देख रेख में प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।

केस 2. चुनार विकास खण्ड स्थित कन्हईपुर गांववासी संगीता का प्रसव आपरेशन के जरिए होना था। पति की आय सीमित होने से इलाज का खर्च उठाने में पूरा परिवार असमर्थ था। निजी चिकित्सालय प्रसव के समय का खर्च 50.55 हजार रुपये बता रहे थे। इसी बीच स्वास्थ्य कार्यकर्ता अनीताने आयुष्मानयोजनाकी जानकारी दी। इसके बाद अनीताकी मदद से आयुष्मान योजना के तहत उसका निशुल्क प्रसव हुआ।फिलहाल दोनों पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।

संगीता और निर्मला तो सिर्फ उदाहरण भर है। ऐसे कई मामले हैं जो आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित हुए हैं और किये जा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर सी0एल0 वर्मा ने बताया कि योजना के तहत 2022 से अगस्त 2023 तक 17865 महिलाओं का कार्ड बना। इसमें से 8796 महिलाओं का प्रसव कराया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत 28 निजी चिकित्सालयों को सम्बन्द्ध किया गया है। योजना के तहत इन केन्द्रों पर विभिन्न बीमारियों का लाभ निशुल्क लिया जा सकता है।

महिला चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर आभा ने बताया कि प्रसव के लिए सबसे पहले महिला को लेबर रूम में रखने के बाद उसका ब्लड लेकर जांच किया जाता है। इसके बाद चिकित्सालय में मौजूद कार्ड में लम्बाई ए वजनए गुप की मात्रा से लेकर सभी जानकारियां लिखी जाती हैं। इसके बाद संक्रमण से बचने के लिए जांच ऑक्सीजन से लेकर ज्यादातर समान नया रखा जाता है। प्रसव के बाद बच्चे व महिला को 72 घण्टों तक डॉक्टरों की देख रेख में रख कर ही डिस्चार्ज किया जाताहै।

स्वास्थ्य केन्द्रों परआनेवाली गर्भवती का सबसे पहले अल्ट्रासाउण्ड कर बच्चे की स्थिति की जानी जाती है। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर प्रसव कराया जाता है। बड़ी समस्या पर जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता है। अभी सामुदायिक कछवाए लालगंजए पटेहरा व मड़िहान पर सीजर प्रसव की व्यवस्था है। इसके लिए अनुभवी डॉक्टरों का तैनात किया है। बच्चे के जन्म के बाद सामान्य स्थिति नहीं होने पर उनको जिला महिला चिकित्सालय में एसएनसीयू में भेजा जाताहै। इस सेन्टर में 14 बेड है। एक साथ 14 बच्चों की देखभाल व उपचार किया जा सकता है। इसके लिए अलग दो डॉक्टरों 4 स्टाफ नर्स के अलावा चारवार्ड ब्याय को लगाया गया है।केन्द्र पर वार्मर सी.पैप मशीन जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन देने की भी सुविधा है।केन्द्र पर आने वाले बच्चों को सांस लेने की समस्याए कम वजनए हद्धय गति जैसे तमाम रोगों से निजात दे रहा है।

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