बस्ती। विक्रमजोत ब्लॉक के 75 ग्राम पंचायत में कुल 6931 लाभार्थियों को विधवा, वृद्धा एवं विकलांग पेंशन दी जा रही है परंतु केवाईसी के अभाव में बीते 1 वर्ष से 465 लाभार्थियों को पेंशन नहीं मिल पा रही है।दरअसल पेंशन लाभार्थियों को समाज कल्याण और बैंक खाता दोनों की समय समय पर केवाईसी करवानी होती है ताकि योजना का लाभ मिलता रहे।केवाईसी के अभाव में बैक खाता बंद हो जाता है तो प्रतिवर्ष केवाईसी न मिलने पर विभाग पेंशन रोक देती है।
इस समस्या का मूल कारण योजनाओं का प्रचार प्रसार का अभाव और लाभार्थियों में जागरूकता की कमी है।जानकारी के अनुसार विक्रमजोत ब्लॉक में 4368 वृद्धा, 2119 विधवा, और 437 विकलांग सहित कुल 6931 पेंशन लाभार्थी मौजूद हैं। जिनमें 465 लाभार्थियों ने समाज कल्याण विभाग में केवाईसी जमा नही करवा पाने के कारण उनकी पेंशन रूक गई है। बड़ी संख्या में लाभ से वंचित लाभार्थियों का केवाईसी ना हो पाने के कारण उच्च अधिकारियों ने ब्लॉक के ग्राम पंचायत में अभियान चलाकर केवाईसी करने की निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में ब्लॉक के नवागत चार्ज पर आये एडीओ समाज कल्याण संदीप कुमार सिंह ने बताया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र क़ो वृद्धा विधवा एवं विकलांगों को पेंशन हर हालत में मिले। योजना का शत-प्रतिशत लाभ देने के लिए मैं सोमवार से बुधवार तक तीन दिन ब्लाक कार्यालय पर कैम्प लगा रहा हूं।
जिन्हें पेंशन नहीं मिल रही ऐसे विधवा/बृद्धा एवं विकलांग पेंशन लाभार्थी अपनी आधार कार्ड की छाया प्रति एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति को केवाईसी हेतु विकास खंड के एडीओ समाज कल्याण कार्यालय मे 2 कार्य दिवस के अंदर जमा कर दें। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार कौशल ने बताया कि इस कार्य में रोजगार सेवक एवं पंचायत सहायकों को भी लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के नहीं मिल रहे लाभार्थी
ब्लॉक में वित्तीय सत्र 2019-20 से संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सभी सामान्य परिवार मे मुखिया की मौत के बाद उनके दो बच्चों तक की पढ़ाई एवं पालन पोषण का खर्च के लिए ₹2500/रूपए प्रतिमाह आश्रय दाता को दिया जाता है। यह रकम बच्चों के 18 वर्ष पूर्ण होने तक मिलता रहेगा इस योजना के तहत विक्रमजोत ब्लॉक में पात्र लाभार्थी ढूंढे से नहीं मिल रहे हैं जबकि जानकारों की माने तो जागरूकता के अभाव में तमाम जरूरतमंद लाभ से महरूम है।