• Tue. Sep 22nd, 2026

Agra News: साइबर ठगी से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक, विशेषज्ञ ने समझाए सुरक्षित इंटरनेट के तरीके

निधि तिवारी संवाददाता मखौड़ा संदेश।

आगरा। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को होली पब्लिक जूनियर कॉलेज में ‘साइबर अपराध एवं सुरक्षा’ विषय पर ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यालय की सह निदेशिका शिविका तोमर की पहल पर आयोजित कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

कार्यक्रम का शुभारंभ सह निदेशिका शिविका तोमर, मुख्य वक्ता रक्षित टंडन, प्रधानाचार्य सोनिका चौहान और समन्वयक ज्योति शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके बाद प्रधानाचार्य सोनिका चौहान ने अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया।

फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान

कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में सामने आने वाली साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फर्जी कॉल, असुरक्षित मोबाइल एप, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया से जुड़े जोखिमों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।

उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी कई बार लोगों को भ्रमित कर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। अनजाने में की गई छोटी-सी गलती भी आर्थिक नुकसान या डिजिटल खाते की सुरक्षा के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड, सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा और सुरक्षात्मक एप्लिकेशन के इस्तेमाल के व्यावहारिक तरीके भी समझाए।

वित्तीय ठगी हो तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत

कार्यशाला में साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह भी बताया गया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर शिकायत में देरी नहीं करनी चाहिए। भारत सरकार के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के तहत 1930 हेल्पलाइन वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए संचालित है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है।

गृह मंत्रालय के अनुसार, 30 जून 2026 तक नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से 32.80 लाख से अधिक शिकायतों में 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई गई। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करने से संबंधित वित्तीय संस्थानों के साथ कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है।

विद्यार्थियों ने पूछे साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया और उन्हें तकनीक का इस्तेमाल सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सोनिका चौहान ने कहा कि आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा की जानकारी बेहद जरूरी है। तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए बच्चों को संभावित ऑनलाइन खतरों की जानकारी होना आवश्यक है।

शिविका तोमर ने जताया आभार

कार्यशाला के समापन पर विद्यालय की सह निदेशिका शिविका तोमर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन के समय देने और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में समन्वयक ज्योति शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद रहे।

Leave a Reply