अयोध्या। योगी सरकार में देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका अयोध्या का 10वां दीपोत्सव इस बार और भव्य एवं दिव्य नजर आएगा। दीपोत्सव-2026 और कार्तिक पूर्णिमा मेला को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में दोनों प्रमुख आयोजनों की विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय में पूरा करने और अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
5 से 8 नवंबर तक अयोध्या में दीपोत्सव की धूम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर को गोवत्स द्वादशी, 6 नवंबर को धनत्रयोदशी, 7 नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली एवं हनुमान जयंती तथा 8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर रामनगरी में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी। इसके लिए ट्रॉली-ट्रक, मंच और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। रामकथा पार्क के निकट हेलीपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।
रामकथा पार्क से राम की पैड़ी तक दिखेगी दीपोत्सव की भव्यता
रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, लोकार्पण कार्यक्रम, रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। सरयू आरती स्थल पर मंच, सजावट, पुष्प सज्जा सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। राम की पैड़ी और अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों को दीपोत्सव की थीम पर सजाया जाएगा। स्वर्ग द्वार की पुताई, राम की पैड़ी की विशेष सफाई, धार्मिक स्थलों पर दीप सज्जा, फूलों की चेन और गमले लगाने के साथ घाटों की रैलिंग एवं लाइटिंग की मरम्मत जैसे कार्य कराए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
दीपोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। परिवहन, विश्राम स्थल, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। भीड़ नियंत्रण के लिए फ्लोटिंग जोन, बैरियर और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। यातायात व्यवस्था को भीड़ के अनुरूप व्यवस्थित किया जाएगा। मीडिया सेंटर स्थापित करने और प्रेस पास जारी करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
18 नवंबर को चौदहकोसी और 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा
दीपोत्सव के बाद अयोध्या में परिक्रमा एवं कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 18 नवंबर 2026 को चौदहकोसी परिक्रमा एवं अक्षय नवमी होगी। परिक्रमा 17/18 नवंबर की रात 1:10 बजे से शुरू होकर 18/19 नवंबर की रात 2:55 बजे तक चलेगी। वहीं 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा एवं एकादशी होगी। यह परिक्रमा 20 नवंबर की रात 3:01 बजे से शुरू होकर 21 नवंबर की रात 2:37 बजे तक चलेगी। इसके बाद 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान एवं गुरु नानक जयंती का आयोजन होगा। कार्तिक पूर्णिमा स्नान का निर्धारित समय 23 नवंबर की रात 10:48 बजे से 24 नवंबर की रात 8:52 बजे तक रहेगा।
अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनों की तैयारी
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त बसें और अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था की जाएगी। रेलवे से समन्वय कर विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर सफाई, पेयजल, प्रकाश और बैरियर की व्यवस्था बेहतर की जाएगी। पार्किंग स्थलों का चयन कर यातायात और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी योजना तैयार की जाएगी।
जल पुलिस और अग्निशमन दल भी रहेगा मुस्तैद
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग पर्याप्त बल तैनात करेगा। इसके साथ ही जल पुलिस, मोटर बोट, अग्निशमन दल और ट्रैफिक पुलिस को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रमुख मार्गों और भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी।
डीएम बोले- श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण देना प्राथमिकता
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव और परिक्रमा-कार्तिक पूर्णिमा मेला अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े प्रमुख आयोजन हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि दीपोत्सव और आगामी धार्मिक आयोज नों के दौरान किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो।