नागोया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में एक बार फिर अपना दबदबा कायम करते हुए शनिवार को मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष हॉकी में अपना खिताब बरकरार रखा और पहली बार एशियाई खेलों में लगातार दो संस्करणों में स्वर्ण जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई। मलेशिया ने जल्द ही बराबरी कर ली, लेकिन भारत ने दूसरे क्वार्टर में जुगराज सिंह के गोल से फिर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद हार्दिक सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक पर गोल कर भारत की बढ़त 3-1 कर दी।
चौथे क्वार्टर में शिलानंद लाकड़ा ने भारत के लिए चौथा गोल किया। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया और भारत को 5-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। मलेशिया इसके बाद वापसी नहीं कर सका।
इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का लगातार दूसरा स्वर्ण जीता। इससे पहले भारतीय टीम ने 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। 2026 के खेलों में भारत की पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। यह पहली बार है जब एक ही एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण अपने नाम किया है।
हॉकी में स्वर्ण के साथ भारत के 2026 एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक हो गए हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। पुरुष हॉकी में मिली इस जीत से भारत ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है।
भारत के लिए गोल करने वाले खिलाड़ी:
हरमनप्रीत सिंह—2 गोल, जुगराज सिंह—1 गोल, हार्दिक सिंह—1 गोल और शिलानंद लाकड़ा—1 गोल। मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने किया।