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BSP में बड़ा फेरबदल: आकाश आनंद साइडलाइन, ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी X बायो में खुद को बताया ‘BSP समर्थक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव चर्चा में है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है और करीब 15 राज्यों में पार्टी के कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

इस बदलाव के बीच मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आकाश का नाम नई संगठनात्मक सूची में प्रमुख जिम्मेदारी के साथ नहीं है। इसी बीच उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बायो बदलकर खुद को अब सिर्फ ‘BSP समर्थक’ बताया है। इससे बसपा के भीतर नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ईशान आनंद को 15 राज्यों की जिम्मेदारी

मायावती ने ईशान आनंद यानी ‘ईशू’ को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें करीब 15 राज्यों में बसपा के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करनी होगी। ईशान पार्टी की गतिविधियों और संगठन की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को देंगे।

ईशान आनंद की पार्टी संगठन में बढ़ती भूमिका ऐसे समय सामने आई है, जब मायावती ने आकाश आनंद को फिलहाल बड़ी जिम्मेदारी देने से इनकार किया है।

मायावती ने आकाश को लेकर क्या कहा था?

कुछ दिन पहले बसपा की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में मायावती ने आकाश आनंद को लेकर कहा था कि उन्हें अभी और राजनीतिक परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है। मायावती ने संकेत दिया था कि जब तक आकाश अधिक परिपक्व नहीं होते, तब तक उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।

मायावती के इस रुख के बाद आकाश आनंद की संगठन में भूमिका लगातार चर्चा में है। आकाश को दिसंबर 2023 में मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी पार्टी में भूमिका में कई बार बदलाव देखने को मिले हैं।

आकाश आनंद ने बदला X का बायो

ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी मिलने के बीच आकाश आनंद ने अपने X अकाउंट का बायो भी बदल दिया है। पहले उन्होंने ‘नेशनल कोऑर्डिनेटर’ का उल्लेख हटाकर खुद को ‘BSP कार्यकर्ता’ बताया था। अब उन्होंने इसे बदलकर सिर्फ ‘BSP समर्थक’ कर दिया है।

आकाश के इस बदलाव को उनकी घटती संगठनात्मक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने बसपा से इस्तीफा देने या पार्टी छोड़ने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि आकाश पूरी तरह बसपा से अलग हो गए हैं।

क्या ईशान बनेंगे आकाश का विकल्प?

ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी ने इस सवाल को भी हवा दे दी है कि क्या मायावती अब संगठन में आकाश आनंद की जगह ईशान को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। पार्टी के भीतर ईशान की सक्रियता और हालिया बैठकों में उनकी मौजूदगी ने इन चर्चाओं को और तेज किया है। हालांकि, बसपा की ओर से ईशान को आकाश का राजनीतिक विकल्प घोषित नहीं किया गया है।

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में यह संगठनात्मक बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी लंबे समय से अपने संगठन को मजबूत करने और चुनावी जमीन तैयार करने में जुटी है।

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