अयोध्या।सीएम योगी का लक्ष्य जल्द ही पूर्ण होने वाला है क्योंकि श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य लगभग 90% पूरा हो गया है। एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का काम बाकी है। निर्माण कार्य को तीन फेस में किया जा रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले भक्त हवाई यात्रा के माध्यम से श्रीराम एयरपोर्ट में उतरेंगे। जिसके बाद रामलला का दर्शन करेंगे।श्रीराम एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग राम मंदिर की तर्ज बनाया जा रहा है। टर्मिनल बिल्डिंग में 500 यात्रियों के रुकने की सुविधा होगी। एयरपोर्ट में 22 50 मीटर की रनवे बनकर तैयार है। यह एयरपोर्ट कई सारी अत्यधिक खूबियों से लैस होगा। इस एयरपोर्ट को डे और नाइट लैंडिंग के लिए तैयार किया जा रहा है।

तीन फेस में किया जा रहा एयरपोर्ट का निर्माण
एयरपोर्ट का निर्माण तीन फेस में किया जा रहा है। पहले फेस में श्री राम एयरपोर्ट के रूप में जाना जाएगा। जिसमें घरेलू उड़ान की सुविधा होगी। पूरे देश के एयरपोर्ट से अयोध्या की कनेक्टिविटी होगी। यहां पर 500 यात्रियों के एक बार में आने और जाने की सुविधा होगी। टर्मिनल 1 की बिल्डिंग में 250 यात्री आ-जा सकते है। इस तरीके की 500 यात्रियों की सुविधा होगी।
श्री राम एयरपोर्ट में आठ एयरक्राफ्ट खड़ा होने की व्यवस्था की गई है। इस तरीके के एप्रेन बनाए गए हैं। इस एयरपोर्ट में भगवान श्री राम के मंदिर के मॉडल पर आधारित टर्मिनल वन की बिल्डिंग होगी। 6600 स्क्वायर मीटर में फेस वन की बिल्डिंग का निर्माण किया गया है।
संयुक्त महाप्रबंधक परियोजना राजीव कुलश्रेष्ठ के अनुसार फेस वन के बाद फेस टू की बिल्डिंग के लिए निर्माण कार्य शुरू होगा। यह बिल्डिंग 50 हजार स्क्वायर मीटर की होगी । जिसमें अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरी जाएगी। इसके लिए रनवे 3750 मी के करीब का होगा। सबसे पहले घरेलू उड़ानों को शुरू किया जाएगा। उसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरपोर्ट का विस्तार कर निर्माण किया जाएगा।
एयरपोर्ट के संयुक्त महाप्रबंधक राजीव कुलश्रेष्ठ के अनुसार घरेलू उड़ान के लिए बने श्री राम एयरपोर्ट में 2250 मीटर का रनवे बनकर तैयार है। जब यह एयरपोर्ट मिला था तो 1500 मी का रनवे मिला था। अब यहां पर डे और नाइट दोनों लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध की जा रही है। इसके लिए 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है। आने वाले समय में एयर कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए इसको अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जाएगा।