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Farrukhabad Flood: गंगा की ड्रेजिंग से बाढ़ का स्थायी समाधान, योगी बोले- किसानों की जमीन आई तो मिलेगा उचित मुआवजा

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के उफान से बाढ़ की स्थिति बनी है और इससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। इसके लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में करीब 1000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कई परिवारों को अपने हाथों से राहत किट, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

गंगा की ड्रेजिंग से निकली सिल्ट से बनेंगे तटबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने फर्रुखाबाद में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का सुझाव दिया है। प्रशासन को इसकी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी की तलहटी से निकाली जाने वाली सिल्ट का इस्तेमाल बाहर की तरफ तटबंध बनाने में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि गंगा का चैनलाइजेशन होने से बाढ़ के पानी का फैलाव कम होगा, किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी और स्थानीय आबादी को भी राहत मिलेगी। यदि परियोजना के लिए किसानों की जमीन की आवश्यकता होगी तो उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फर्रुखाबाद को बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

फसल नुकसान का सर्वे, किसानों के खाते में पहुंचेगी सहायता

सीएम योगी ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट मिलते ही पात्र किसानों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।

उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद खेती-किसानी का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में किसान आलू की खेती करते हैं। कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के लिए भी किसानों को प्रति बोरा निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई गई है। सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि और फसलों की खरीद जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचा रही है।

50 किलो की राहत किट में 50 जरूरी सामान

मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से 50 किलो की राहत सामग्री किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाले के साथ बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत करीब 50 आवश्यक सामग्री शामिल हैं।

जिन परिवारों के घरों में पानी पहुंच गया है, उनके लिए राहत शिविरों में रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय विधायक भी पिछले कई दिनों से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर प्रशासन के साथ राहत कार्यों में जुटे हैं।

अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज की व्यवस्था

बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएचसी और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

जिन क्षेत्रों में पानी पहुंचा है, वहां पशुओं के लिए चारा, वैक्सीन और दवाओं की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और फील्ड में तैनात टीमों को लगातार प्रभावित लोगों की मदद करनी चाहिए।

बाढ़ का पानी उतरते ही टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण और मरम्मत तत्काल शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क के कारण बाढ़ के बावजूद कई क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बनी हुई है।

सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद में सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज और गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।

फर्रुखाबाद में आएगा एक्सप्रेसवे, बोले- अब बदल चुका है जिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फर्रुखाबाद अब बदल चुका है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे आ रहा है, जो आगे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे फर्रुखाबाद की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी तथा आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।

गन्ने का दाम बढ़ा, किसानों के हित में तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में गन्ने का दाम करीब 275 से 300 रुपये प्रति क्विंटल के बीच था, जबकि अब यह बढ़कर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। तकनीक के इस्तेमाल से गन्ने की पर्ची और घटतौली जैसी समस्याओं पर नियंत्रण किया गया है।

उन्होंने कहा कि मक्का के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। आगरा में पेरू की मदद से आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र संचालित हो रहा है, जिससे वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप आलू उत्पादन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा।

युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ किया तो जेल भेजेंगे: योगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में बिना भेदभाव युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले नौकरी की व्यवस्था में एक खास सिंडिकेट का प्रभाव था, जिससे युवाओं को नुकसान उठाना पड़ता था।

सीएम ने कहा कि अब सरकारी नौकरी, ओडीओपी और निवेश के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की नौकरी से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 20 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय

मुख्यमंत्री ने नवगठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का उल्लेख करते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ अब भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक अब पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी और राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, दुर्घटना सुरक्षा, बेटी की शादी और बच्चों की उच्च शिक्षा जैसी सुविधाओं के लिए भी सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

बेटियों की शिक्षा पर जोर, 50 हजार मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी के शिक्षित होने से केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज स्वावलंबी बनता है। उन्होंने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीएम कंपोजिट विद्यालयों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां कक्षा एक से 12वीं तक शिक्षा और स्किलिंग की सुविधा मिलेगी। प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की दिशा में कार्रवाई चल रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत जल्द स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए परिवहन निगम की बसों में लोकमाता अहिल्याबाई निशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध है।

102 गांवों के बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत का भरोसा

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित 102 गांवों के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गांवों में जाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। स्वास्थ्य शिविरों और राहत सामग्री के माध्यम से भी प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा रही है।उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार की जिम्मेदारी केवल घोषणा करना नहीं, बल्कि संकट के समय गरीब, किसान और जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना है।

आश्रयहीन परिवारों को जमीन और 1.20 लाख रुपये की राहत

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री के हाथों सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र के साथ 1.20 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, डॉ. सुरभि, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रदेश महामंत्री शंकरलाल लोधी और जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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