• Wed. Oct 7th, 2026

काशी में सावन के दूसरे सोमवार की भव्य तैयारी, गौरी-शंकर स्वरूप में दर्शन देंगे बाबा विश्वनाथ

वाराणसी। श्रावण मास का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को काशी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच मनाया जाएगा। सावन के सोमवार को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ का गौरी-शंकर स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। महादेव के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य कांवड़ियों के साथ आम श्रद्धालुओं को भी प्राप्त होगा। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को बाबा विश्वनाथ का श्री शंकर स्वरूप में चल प्रतिमा के रूप में विशेष श्रृंगार किया गया था। सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा के अलग-अलग स्वरूपों का श्रृंगार करने की परंपरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कांवड़ियों की सुगम यात्रा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक दर्शन कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात समेत सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।

गौरी-शंकर स्वरूप में होंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रावण के दूसरे सोमवार को देवाधिदेव महादेव का गौरी-शंकर स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के इस विशेष स्वरूप का दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास में सोमवार को बाबा के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन महादेव की आराधना करने से भक्तों को विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है।आगामी सोमवार को भी बाबा के अलग-अलग स्वरूपों का श्रृंगार जारी रहेगा। 17 अगस्त को अर्धनारीश्वर स्वरूप में बाबा का श्रृंगार होगा, जबकि 24 अगस्त को रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद 27 अगस्त को पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक झूला श्रृंगार होगा।

श्रद्धालुओं के स्वागत में रेड कार्पेट, होगी पुष्पवर्षा

मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया जाएगा। भक्तों पर पुष्पवर्षा भी की जाएगी। दर्शन व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए पर्याप्त जिग-जैग बैरिकेडिंग की गई है। मंदिरों में पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े इंतजामों को अंतिम रूप दिया गया है।

जमीन से आसमान तक रहेगी कड़ी निगरानी

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि काशी में सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है। गंगा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस तथा एनडीआरएफ की कई टीमें तैनात की गई हैं। आसमान से निगरानी के लिए 10 ड्रोन लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रतिबंधित क्षेत्रों को जियो-फेंसिंग के जरिए सुरक्षा घेरे में रखा गया है। ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।इसके अलावा 2,500 से अधिक CCTV कैमरों के जरिए प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जरूरत के मुताबिक अस्थायी पुलिस चौकियां भी बनाई गई हैं।

हर चार किलोमीटर पर QRT और UP-112 की तैनाती

कांवड़ यात्रा मार्ग पर आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक चार किलोमीटर पर QRT और UP-112 PRV तैनात की गई है। इसके साथ ही 20 से अधिक मोटरसाइकिल दस्ते लगातार सड़कों पर पेट्रोलिंग करेंगे। करीब 5,000 पुलिसकर्मी 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद काशी विश्वनाथ धाम और प्रमुख शिवालयों में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की गई हाईवे की एक लेन

श्री काशी विश्वनाथ धाम को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकतानुसार डायवर्जन और नो-एंट्री लागू रहेगी। प्रयागराज से काशी आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की गई है। इस तरह सावन के दूसरे सोमवार को काशी में जहां बाबा विश्वनाथ के गौरी-शंकर स्वरूप के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र होंगे, वहीं प्रशासन की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कांवड़ियों और दर्शनार्थियों की यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Leave a Reply