रोहतक। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उसे रोहतक की हाई सिक्योरिटी सुनारिया जेल से 21 दिन की फरलो पर रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलने के बाद राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय जाने की जानकारी सामने आई है। 2020 के बाद यह उसकी 17वीं अस्थायी रिहाई है। इससे पहले वह 30 दिन की पैरोल पूरी कर 26 जून को जेल लौटा था।
राम रहीम दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। उसे अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद सुनारिया जेल भेजा गया था। इसके अलावा उसे दुष्कर्म और हत्या के अलग-अलग मामलों में भी सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड का मामला भी शामिल है।
26 जून को जेल लौटा था राम रहीम
गुरमीत राम रहीम इससे पहले 26 जून को 30 दिन की पैरोल पूरी करने के बाद सुनारिया जेल वापस लौटा था। अब दो महीने से भी कम समय के अंतराल में उसे फिर 21 दिन की अस्थायी रिहाई मिली है। उसकी बार-बार मिलने वाली पैरोल और फरलो लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा और राजनीतिक बहस का विषय रही हैं।
2026 में तीसरी बार मिली अस्थायी रिहाई
इस साल जनवरी में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई में उसे 30 दिन के लिए पैरोल पर रिहा किया गया। 26 जून को वह जेल वापस पहुंचा और अब अगस्त में 21 दिन की फरलो मिलने के बाद एक बार फिर जेल से बाहर है।
2020 से अब तक 17 बार जेल से बाहर आया राम रहीम
उपलब्ध विवरण के अनुसार, कैदी संख्या 8647/C के रूप में दर्ज गुरमीत राम रहीम को 2020 से अब तक कुल 17 बार पैरोल या फरलो के रूप में अस्थायी रिहाई मिल चुकी है। इनमें ताजा 21 दिन की फरलो भी शामिल है।
क्रम रिहाई अवधि
1 अक्टूबर 2020 1 दिन
2 मई 2021 12 घंटे
3 फरवरी 2022 21 दिन
4 जून 2022 30 दिन
5 अक्टूबर 2022 40 दिन
6 जनवरी 2023 40 दिन
7 जुलाई 2023 30 दिन
8 नवंबर 2023 21 दिन
9 जनवरी 2024 50 दिन
10 अगस्त 2024 21 दिन
11 अक्टूबर 2024 20 दिन
12 जनवरी 2025 30 दिन
13 अप्रैल 2025 21 दिन
14 अगस्त 2025 40 दिन
15 जनवरी 2026 40 दिन
16 मई 2026 30 दिन
17 अगस्त 2026 21 दिन
किस कानून के तहत मिलती है पैरोल और फरलो?
राम रहीम की अस्थायी रिहाई Haryana Good Conduct Prisoners (Temporary Release) Act, 2022 के प्रावधानों के तहत होती है। पात्र कैदियों को निर्धारित शर्तों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के आधार पर पैरोल या फरलो दी जाती है। नियमों के तहत एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो का प्रावधान बताया गया है।