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जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा

फिरोजाबाद। सुहाग नगरी फिरोजाबाद की जैन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की पहल के तहत ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर परिसर का कायाकल्प किया जा रहा है। करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्य का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना के इसी अक्टूबर महीने में पूरा होने की उम्मीद है। सदियों पुरानी जैन आस्था और विरासत से जुड़े इस मंदिर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेटरी और भव्य म्यूरल वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने, धार्मिक आयोजनों और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने और उसे पर्यटन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक जैन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सहजता से जान और समझ सकें। इसी दिशा में छदामी लाल जैन मंदिर में चल रहा विकास कार्य जैन विरासत को नई पहचान देने की महत्वपूर्ण पहल है।

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि छदामी लाल जैन मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से इसे प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। 1.28 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेटरी और भव्य म्यूरल वॉल का निर्माण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेटरी का लगभग 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का निर्माण करीब 60 फीसदी तक पहुंच गया है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के ठहरने के साथ-साथ विभिन्न आयोजनों के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर अपनी भव्य स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए विशेष पहचान रखता है। मंदिर परिसर में स्थापित भगवान बाहुबली की 42 फीट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण है।उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शामिल इस विशाल प्रतिमा के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर की स्थापत्य भव्यता और भगवान बाहुबली की विशाल प्रतिमा इसे जैन आस्था और पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व प्रदान करती है।

छदामी लाल जैन मंदिर की सबसे खास बात सिर्फ इसकी भव्यता नहीं, बल्कि भगवान बाहुबली की प्रतिमा से जुड़ा इतिहास भी है। 42 फीट ऊंची इस प्रतिमा को कर्नाटक के कारकल से विशेष ट्रॉली के माध्यम से फिरोजाबाद लाया गया था। सेठ छदामी लाल द्वारा मंगवाई गई इस प्रतिमा को फिरोजाबाद तक पहुंचने में करीब तीन महीने का समय लगा और इस दौरान ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का दुर्गम सफर तय किया। पूरी तरह संगमरमर के पत्थरों से निर्मित इस भव्य मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष का समय लगा था। मंदिर की देखरेख और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की थी, जो आज भी मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है।

छदामी लाल जैन मंदिर में चल रहे विकास कार्यों से ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेटरी और म्यूरल वॉल जैसी नई सुविधाओं के जुड़ने से मंदिर परिसर को पर्यटन की दृष्टि से भी और बेहतर स्वरूप मिलने की उम्मीद है।जैन आस्था से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की यह पहल फिरोजाबाद की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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