लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसानों की आय, फसलों के उचित मूल्य, बिजली और उद्योगों को लेकर पार्टी की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि किसानों की पैदावार बढ़ने के साथ उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य मिलना चाहिए। सरकार बनने पर किसानों को खुशहाल बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा के आने वाले घोषणापत्र में किसानों के पक्ष में कई फैसले शामिल होंगे।
अखिलेश यादव के ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उद्योग जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
24 और 48 घंटे में किसानों के भुगतान का वादा
अखिलेश यादव ने किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों का भुगतान 24 और 48 घंटे में हो जाएगा। उनके अनुसार, पार्टी के घोषणापत्र में किसानों से जुड़े कई फैसले शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने किसान नेता चौधरी चरण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की लड़ाई सबसे पहले चौधरी चरण सिंह ने लड़ी थी। सपा अध्यक्ष ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने को जरूरी बताया।
बिजली को लेकर सरकार पर निशाना
सपा अध्यक्ष ने बिजली के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जो सरकार 10 साल में बिजली का कारखाना नहीं लगा सकती, वह किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध नहीं करा सकती। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए खेती की लागत और बिजली जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
हरे और लाल रंग को सपा के झंडे से जोड़ा
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के झंडे के रंगों की व्याख्या करते हुए कहा, “हरा रंग हरियाली की क्रांति का, लाल रंग दूसरी क्रांति, जब दोनों मिल जायेंगे तो अपने आप समाजवादी पार्टी का झंडा बन जाएगा।”
उन्होंने कहा कि किसानों की पैदावार बढ़े और उन्हें सही मूल्य मिले, इस दिशा में पार्टी की नीतियां काम करेंगी।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था पर भी उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी चढ़ावा चोरी से नहीं बनेगी।” यह टिप्पणी उन्होंने अपने राजनीतिक बयान के तौर पर की।
सपा अध्यक्ष इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उनके ताजा बयान में किसानों और उद्योगों को अर्थव्यवस्था के विकास से जोड़ने पर जोर दिखाई दिया।
संख्या के आधार पर मौका मिलने की बात कही
अखिलेश यादव ने लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कहा कि जिसकी संख्या ज्यादा है, उसे मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बेईमानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पिछली राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यदि उस समय कथित बेईमानी नहीं हुई होती तो समाजवादी पार्टी के तीन सांसद राज्यसभा में गए होते।
उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा के बड़े कार्यालय को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि भाजपा को बड़ा कार्यालय बनाने के बजाय चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए था। ये आरोप और टिप्पणियां अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान हैं।
उद्योग जगत से जुड़े धनराज नथवानी को राज्यसभा भेजने का फैसला
राज्यसभा उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें खुशी है कि नई पीढ़ी के व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का सपा को अवसर मिला है। उन्होंने उद्योग जगत में कई दलों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने उद्योग जगत से जुड़ने के लिए अपनी पार्टी से एक राज्यसभा सदस्य बनाने का फैसला किया है।
धनराज परिमल नथवानी उद्योग जगत से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं। सपा ने उन्हें प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
कारोबार बढ़ाने की बात, समाजवाद की आर्थिक सोच का हवाला
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवाद में सपा का मानना है कि उद्योगों को कैसे बढ़ावा दिया जाए, इस दिशा में योगदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कारोबार को बढ़ाने का काम करेगी।
राज्यसभा के लिए उद्योग जगत से जुड़े व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने के फैसले को उन्होंने पार्टी के उद्योग जगत से जुड़ने की दिशा में कदम के तौर पर पेश किया। पार्टी की ओर से घोषित दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान 16 अक्टूबर को होना है।