लखनऊ। अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों के बीच भगवान श्रीराम की कथा अब रूस की राजधानी मास्को में भी मंच पर जीवंत होने जा रही है। यहां 16 रूसी कलाकार रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभाने की तैयारी में जुटे हैं। इस आयोजन की खास बात यह है कि रामलीला के पात्रों की वेशभूषा के लिए दिल्ली के चांदनी चौक से वस्त्र खरीदकर रूस ले जाए गए हैं। भारतीय परंपरा, रामकथा और रूसी कलाकारों की भागीदारी का यह संगम अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला से जुड़े आयोजनों को वैश्विक पहचान मिलने की चर्चा के बीच मास्को में होने वाली यह प्रस्तुति भी खास मानी जा रही है। रामलीला के निर्माता एवं निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद रामलीला के आयोजनों का वैभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रूसी कलाकारों द्वारा रामायण का मंचन भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करता है।
2018 में अयोध्या से शुरू हुआ सांस्कृतिक सफर
रूसी कलाकारों और अयोध्या के बीच रामलीला के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव की अहम शुरुआत नवंबर 2018 में हुई थी। उस समय अयोध्या में रूस की ‘दिशा रामलीला’ की पहली प्रस्तुति हुई। दूसरे देश के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीराम की कथा का मंचन इस आयोजन की विशेष पहचान बना।
इसके बाद जनवरी 2019 में ‘दिशा रामलीला’ को प्रयागराज कुंभ मेले में भी प्रस्तुत किया गया। देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में रूसी कलाकारों की भागीदारी ने रामकथा को अलग सांस्कृतिक परिवेश में प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इससे भारतीय परंपराओं और रूसी रंगमंच के बीच संवाद की एक नई कड़ी जुड़ी।
दीपोत्सव से भी जुड़ा रूसी कलाकारों का रिश्ता
अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजनों के साथ भी ‘दिशा रामलीला’ की प्रस्तुतियों का जुड़ाव रहा है। दीपोत्सव भगवान श्रीराम के वनवास से लौटकर अयोध्या आगमन की स्मृति में मनाया जाने वाला प्रमुख उत्सव है। इस उत्सव से जुड़े आयोजनों में रूसी कलाकारों की भागीदारी भारत की रामकथा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बनी है।
मास्को में प्रस्तावित रामलीला इसी सांस्कृतिक यात्रा की अगली कड़ी है। इसमें रूसी कलाकार भारतीय वेशभूषा और मंचीय परंपराओं के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं।
‘रूसी राम’ की विरासत को आगे बढ़ा रही दिशा रामलीला
‘दिशा रामलीला’ महान रंगकर्मी गेन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की विरासत को भी आगे बढ़ाती है। उन्हें स्नेहपूर्वक ‘रूसी राम’ कहा जाता था। रूसी दर्शकों के बीच रामलीला को लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण माना जाता है।
रामायण की कथा भारतीय समाज और संस्कृति से गहराई से जुड़ी है, लेकिन इसका संदेश देश की सीमाओं से परे भी लोगों तक पहुंचता है। जब दूसरे देश के कलाकार राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जैसे पात्रों को मंच पर निभाते हैं, तो उन्हें भारतीय साहित्य, धार्मिक परंपराओं और नाट्य कला को समझने का अवसर मिलता है। मास्को में रूसी कलाकारों की यह प्रस्तुति इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
ये कलाकार निभाएंगे रामायण के पात्र
मास्को में होने वाली रामलीला के लिए पात्रों और कलाकारों की सूची इस प्रकार दी गई है—
– राम: अलेक्सी
– सीता: दाशा
– लक्ष्मण: ओलेग
– हनुमान: दमित्री
– भरत: एवजेनी
– रावण: सर्गेई
– दशरथ: आरतियों
– कौशल्या: रति
– सुमित्रा: नतातालया
– कैकेयी: इरीना
– जनक: वसीली
– सोने का हिरण: रीता
– अन्य कलाकार: मिशा और नादेजदा
– समूह भूमिकाएं: राक्षस सेना और वानर सेना
मास्को में रामलीला का यह आयोजन केवल धार्मिक कथा के मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और रूस की सांस्कृतिक निकटता को दर्शाने का अवसर भी है। श्रीराम की कथा के माध्यम से अयोध्या की परंपरा और भारतीय रंगमंच की झलक रूस के दर्शकों तक पहुंचेगी।