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जनकपुर की पुष्प वाटिका में ब्रह्म और शक्ति के मिलन का मंचन

ByJyoti Nishad

Oct 20, 2023

विक्रमजोत। विकास क्षेत्र के रानीपुर बस्थनवां व नियामतपुर में चल रही रामलीला के चौथे दिन बुधवार को अहिल्या उद्धार, जनकपुर में राम लक्ष्मण, सीता स्वयंवर सहित रोचक प्रसंगों का मंचन किया गया। नियामतपुर में रामलीला का चौथे दिन का शुभारम्भ समाजसेवी व वरिष्ठ नेता यज्ञेश पाण्डेय व शैलेश पाण्डेय ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि रामलीला का प्रचलन भगवान राम के चरित्र के प्रचार प्रसार के लिए है।साथ राम के चरित्र में त्याग, एकता, भ्रातृप्रेम का अनूठा संगम देखने को मिलता है और उनसे हमें सीख लेने की जरूरत है।कलाकारों ने राजा जनक की पुष्प वाटिका में पारब्रह्म परमेश्वर भगवान राम और जगत जननी मां जानकी के अद्भुत मिलन का मंचन किया।लीला को प्रारंभ करते हुए कलाकारों ने पहले दृश्य में गुरु विश्वामित्र राम लक्ष्मण के साथ जनकपुर में आयोजित राजा जनक के धनुष यज्ञ में भाग लेने के लिए पहुंचते हैं रात्रि विश्राम के बाद सुबह गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर दोनों भाई गुरु की पूजा के लिए पुष्प तोड़ने के लिए राजा जनक की पुष्प वाटिका में पहुंचते हैं माली से पुष्प तोड़ने की अनुमति लेकर भगवान राम पुष्प तोड़ने लगते हैं उसी समय गौरी पूजन के लिए माता जानकी का आगमन होता है । इस दृश्य को देखने से लगता था कि आज पुष्प वाटिका में ब्रह्म और शक्ति का अद्भुत मिलन देख उपस्थित श्रद्धालु भाव बिभोर हो गये।दोनों भाई पुष्प लेकर वापस पहुंचते हैं गुरु विश्वामित्र पूजन – अर्चन के बाद दोनों भाइयों को साथ लेकर सीता के स्वयंवर के आयोजन स्थल पर पहुंचते हैं ।जहां तमाम देश के राजा स्वयंवर में आए हुए रहते हैं लेकिन किसी ने धनुष उसको उठाना तो दूर उसे हिला तक ना सके । अंत में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष को तोड़कर राजा जनक की मर्यादा रखते हैं और मां जानकी राम के गले में वर माला डाल डालती हैं ।धनुष भंग होने की जानकारी होते ही भगवान परशुराम का स्वयंवर स्थल पर आगमन होता है जहां परशुराम जी का लक्ष्मण से तीखा संवाद शुरू होता है ।जिसे देख मौजूद दर्शक काफी उत्साहित हुए इस जिसको देख उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की। मंचन के दौरान मान सिंह राम, राम आशीष सीता, राजेश पाल विश्वामित्र, परशुराम का अभिनय विन्देश्वरी सविता ने किया।वहीं रानीपुर बस्थनवां में रामलीला की शुरुआत प्रधान प्रतिनिधि महेश चौहान ने सीताराम की आरती उतार कर करायी। राम में जनक पुर में राम लक्ष्मण, सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद के साथ साथ सीता राम के साथ चारों भाइयों के विवाह का मंचन किया गया। इस दौरान गांव क्षेत्र के ढेर सारे दर्शक मौजूद रहे।

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