दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र के खुशहालगंज मे चल रही राम लीला मे सातवें दिन कलाकारो ने राक्षसो के लगातार मारे जाने पर लंकाधिपति रावण चिंतित हो जाता है। और वह अपने पुत्र इन्द्रजीत मेघनाद को रणभूमि में जाने के लिए कहता है।
मेघनाद अपने पिता से आज्ञा लेकर रणभूमि में पहुंचता है जहां शेषावतार लक्ष्मण से उसका भयंकर युद्ध होता है। मेघनाद ब्रह्मा द्वारा दी गई शक्ति का आह्वान कर उसे प्राप्त करने के बाद शक्ति का प्रहार लक्ष्मण पर करता है, जिससे वह मूर्छित हो समर भूमि में गिर जाते हैं। मेघनाद उनको मृत समझकर उनके शरीर को लंका ले जाना चाहता है किन्तु वह तमाम कोशिशें करने के बावजूद मूर्छित पड़े लक्ष्मण को वह हिला भी नहीं पाता है। वह वंही पर छोड़ लंका पहुंच जाता है। लक्ष्मण के मृत्यु का समाचार वह रावण को सुनाता है। यह खबर सुनकर लंकावासी खुशियां मनाते है।

इधर लक्ष्मण के मूर्छित होने की खबर मिलते ही राम के दल में शोक छा जाता है, परंतु पवन पुत्र हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचा लेते है। राम के दल में फिर खुशी की लहर दौड़ जाती है। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र मिश्र, ओम प्रकाश, अनिल सिंह, हरिओम पाण्डेय, हीरा सिंह, शोभाराम राजभर, इंद्र राज सिंह, तेजभान, राजेंद्र राजभर आदि मौजूद रहें।