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अंतिम दौर में पहुंचा अयोध्या के प्राचीन सूर्यकुंड के सौंदर्यीकरण का कार्य

ByJyoti Nishad

Sep 21, 2023

अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में योगी सरकार की विकास यात्रा जारी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य रूप में अस्तित्व में आने से पहले ही यहां विकास की तमाम योजनाओं को मूर्त रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है। अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की हो, श्रीराम मंदिर कॉरीडोर की हो या प्राचीन कुंडों, सरोवरों को अलौकिक रूप देने की, अयोध्या में विकास कार्य तेजी से करा़ए जा रहे हैं। इसी क्रम में पौराणिक सूर्य कुंड के सुंदरीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों की माने तो सचिव विकास प्राधिकरण सत्येंद्र सिंह का कहना है की सूर्यकुंड के सुंदरीकरण के लिए जो निर्माण कार्य कराए जाने थे लगभग पूरे हो चुके हैं कुछ छोटे-छोटे कार्य अभी चल रहे हैं। अयोध्या के आसपास के जितने भी पौराणिक स्थल हैं, उनको विकसित किया जा रहा है। पौराणिक कुंडों में सबसे पहले सूर्य कुंड के सुंदरीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ था जो लगभग पूरा हो चुका है। यहां जनवरी 2022 से सुंदरीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया था।

सूर्यकुंड पर ओपन एयर थिएटर और लेजर शो का है विशेष महत्व

सूर्य कुंड पर तैयार किया गया ओपन एयर थियेटर और लेजर शो खास है। अयोध्या रामनगरी से करीब 6 किलोमीटर दूर पौराणिक सूर्य कुंड परिसर की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया है। सूर्य कुंड परिसर में ही भगवान राम के व्यक्तित्व-कृतित्व को लेकर लेजर शो भी दिखाया जा रहा है। सूर्य कुंड में होने वाली सारी गतिविधियां शाम के वक्त ही रखी जाएंगी। यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क विकसित दिए गए हैं। पार्क में ही झूले लगाए जाएंगे, इसके अलावा परिसर में ओपन एयर थियेटर का भी निर्माण किया गया। तीर्थ यात्रियों के लिए कैंटीन व फूड कोर्ट की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन कैंटीन का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ हैं। हवन कुंड नवग्रह वाटिका भी बनायी गई है। स्टोन क्लैडिंग व वाहृय की लाइट का कार्य पूरा हो गया। जिसमें भगवान राम के जीवन से संबंधित लेजर शो का आयोजन प्रारंभ हो गया है।

चारों द्वार का हुआ सुंदरीकरण

सूर्य कुंड के सुंदरीकरण कार्य को देख रहे सहायक अभियंता अनिल सिंह के अनुसार इस कुंड की एक खास बात यह भी है कि इसके चारों तरफ द्वार बनाये गये हैं। इन द्वारों के सुंदरीकरण का कार्य पूरा हो गया है। साथ ही इसके घाटों की सफाई भी अब लगभग पूरी हो चुकी है। प्रदेश सरकार द्वारा इसके लिए 24 करोड़ का बजट दिया है। जिसमें से 50 लाख रुपये लाइट शो के लिए हैं और 50 लाख रुपये सूर्य कुंड मंदिर के सुंदरीकरण के लिए थे। बाकी बची राशि से इस कुंड को दिव्य- भव्य रूप देने के लिए कार्य कराया गया है।

घोषार्क तीर्थ ही है प्राचीन सूर्यकुंड

अयोध्या का प्राचीन सूर्य कुंड मंदिर जिस स्थान पर है उस जगह पर प्राचीन काल में ‘घोषार्क तीर्थ’ हुआ करता था। इस बात का प्रमाण डच इतिहासकार हैंस बेकर की पुस्तक अयोध्या से मिलता है। ‘घोषार्क तीर्थ’ का वर्णन स्कन्द पुराण में भी है। स्कन्द पुराण के अनुसार यह तीर्थ स्थल सभी पापों को नाश करने वाला है। ‘घोषार्क तीर्थ’ की महिमा सूर्य मंदिर तथा कुंड स्नान के लिए आदि काल से ही प्रसिद्ध रही है।

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