गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में रेलवे व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। पिछले दिनों महराजगंज के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के प्रयास से एक नई रेलवे लाइन को मंजूरी मिली है। जिसका फायदा उत्तर प्रदेश के लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को मिलेगा। पिछले दिनों आनन्द नगर वाया महराजगंज से घुघुली तक रेल लाइन के निर्माण को लेकर पंकज चौधरी भारत सरकार के रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले थे। उनके अथक प्रयास के परिणाम स्वरूप ही महराजगंज की जनता को यह बहुप्रतीक्षित सफलता मिली है।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में पूर्वोत्तर रेलवे को अब एक नई रेल लाइन आनन्दनगर- घुघुली वाया महराजगंज को स्वीकृति मिली है। यह नई रेल लाइन आनन्दनगर से महराजगंज होते हुए घुघुली रेलवे स्टेशन तक जाएगी। घुघली रेलवे स्टेशन गोरखपुर- वाल्मीकि नगर रूट पर स्थित है। इस नई रेल लाइन की कुल लम्बाई 52.7 किमी है और स्वीकृत लागत 958.27 करोड़ रुपये है।
लघु कृषि उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा
ऐसा दावा है कि इस नई रेल लाइन के निर्माण से हिमालय के तराई क्षेत्र में स्थित महराजगंज जनपद का विकास होगा तथा कृषि बाहुल्य क्षेत्र के कारण लघु कृषि उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह रेल लाइन महराजगंज को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। वर्तमान में महराजगंज कस्बा जनपद का मुख्यालय भी है। नेपाल सीमा से जुड़ा होने के नाते महराजगंज कस्बा अभी तक रेल लाइन से नहीं जुड़ पाया है, इसलिए इस लाइन के बनने से उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों को वाल्मीकि नगर और रक्सौल होते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा तथा गोरखपुर जंक्शन स्टेशन पर यातायात का दबाव का होगा।
इसमें कुल 07 स्टेशन होंगे
गौरतलब है कि ब्राडगेज की यह नई रेल लाइन विद्युतीकृत लाइन होगी। जिसका लाभ हिमालय की तलहटी में स्थित इस क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी मिलेगा। इसमें कुल 09 बड़े और 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन के निर्माण के लिए 191.059 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसमें कुल 07 स्टेशन होंगे, जिसमें से आनन्दनगर, महराजगंज एवं घुघुली क्रासिंग स्टेशन होंगे तथा 04 हॉल्ट स्टेशन बनाए जाएंगे।

अभी गोंडा से पनियहवा वाया आनन्दनगर, गोरखपुर, गोरखपुर कैंट, घुघली होते हुए कुल दूरी 307 किमी है। इस नई रेल लाइन के बनने से यह दूरी 265 किमी रह जाएगी। गोरखपुर के बाई पास हो जाने से यात्रा के समय में भी कमी आएगी।
गोरखपुर मंडल के रेल यात्रियों को होगा बहुत फायदा
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस नए रेल लाइन के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। इस नए रेल लाइन के बन जाने से गोरखपुर मंडल के रेल यात्रियों को बहुत फायदा मिलेगा और यात्रा में सहूलियत भी मिलेगी, साथ ही महाराजगंज जिला मुख्यालय को भी बहुत लाभ होगा।
इस नई रेल लाइन के संबंध में महराजगंज के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन के बिछ जाने से पंजाब और दिल्ली से असम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों की ओर चलने वाली ज्यादातर रेल गाड़ियां इसी रूट से चलेंगी। इससे जहां एक तरफ रेल रूट घट जाएगा वहीं दूसरी तरफ रेलवे की ढुलाई लागत में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर महराजगंज जनपद मुख्यालय अलग-थलग पड़ा था। यहां के लोगों को गोरखपुर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। जिससे जिले की व्यवसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। गोरखपुर से अलग महराजगंज जिला बनने के बाद यहां के तीस लाख लोगों को विकास की आस बढ़ गई थी। जहां एक तरफ आनन्द नगर वाया महराजगंज से घुघुली तक नई रेल लाइन बनने से यात्रा में लोगों को आसानी होगी वहीं रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।