ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के पहले दिन ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाले कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। रूस और भारत के बीच व्यापार, निवेश एवं आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के लिए विशेष रूस-भारत बिजनेस डायलॉग हुआ। वहीं वियतनाम ने अपने पवेलियन के जरिए व्यापार, तकनीक, पर्यटन, खानपान और संस्कृति का व्यापक संगम प्रस्तुत किया। छह साझेदार देशों की भागीदारी वाले यूपीआईटीएस-2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक हो रहा है।
रूस-भारत संवाद में व्यापार और निवेश पर मंथन
यूपीआईटीएस में ‘रूस-भारत : व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर’ विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
संवाद में रूसी व्यापार प्रतिनिधित्व से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का प्रमुख केंद्र दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाना और कारोबारी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना रहा।
रूसी प्रतिनिधिमंडल के लिए यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से समझने तथा प्रदेश के उद्यमियों के साथ संभावित साझेदारी तलाशने का मंच बना। आधिकारिक आयोजन की रूपरेखा में भी साझेदार देशों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच बी2बी बैठकें, देश-विशेष सत्र और राउंडटेबल चर्चा को प्रमुखता दी गई है।
चिकित्सा और औद्योगिक तकनीक में सहयोग की संभावनाएं
रूस की प्रदर्शनी में औद्योगिक एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उत्पादों और समाधानों को प्रमुखता दी गई। इनमें औद्योगिक तकनीक, गैस से जुड़े समाधान, प्रयोगशाला एवं निदान तकनीक, मेडिकल ऑक्सीजन सिस्टम और व्यावसायिक सेवाओं से संबंधित क्षेत्र शामिल रहे।
इन क्षेत्रों की मौजूदगी से उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य, विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संपर्क का अवसर मिला। रूस-भारत संवाद में तकनीक, उत्पाद और सेवाओं के आदान-प्रदान के साथ भविष्य में संयुक्त कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
वियतनाम के पवेलियन में कारोबार के साथ संस्कृति की झलक
यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। वियतनाम ने अपने पवेलियन को केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित न रखते हुए व्यापार, निवेश, पर्यटन, संस्कृति और खानपान को एक साथ प्रस्तुत किया।
पवेलियन में विमानन, पर्यटन, स्वास्थ्य, कृषि, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान, इलेक्ट्रिक वाहन और पुनर्चक्रित फाइबर जैसे क्षेत्रों को प्रदर्शित किया गया। इससे भारतीय और विदेशी खरीदारों को वियतनाम की औद्योगिक और कारोबारी क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ पर विशेष कार्यक्रम
वियतनाम की ओर से ‘वियतनाम : इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें तकनीकी नवाचार और पर्यटन को व्यापारिक अवसरों से जोड़ते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में पर्यटन, विमानन, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण और अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। वियतनाम के राजदूत त्रिन्ह मिन्ह मान्ह के साथ वियतनाम एयरलाइंस, वियतजेट और विंग्रुप सहित विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।
फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई रौनक
वियतनाम की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण फूड फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। वियतनामी व्यंजनों के जरिए देश की खाद्य संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। वहीं सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियों ने दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को मंच दिया।
इस पहल के जरिए व्यापारिक प्रदर्शनी को पर्यटन और संस्कृति से जोड़ा गया। आगंतुकों को वियतनाम के उत्पादों के साथ वहां की खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को जानने का अवसर मिला।
वैश्विक बाजार से यूपी के उद्यमियों को जोड़ रहा यूपीआईटीएस
यूपीआईटीएस-2026 में रूस और वियतनाम की भागीदारी व्यापार और निवेश के साथ तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी माध्यम बन रही है। आधिकारिक आयोजन के मुताबिक इस संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक, करीब 1.5 लाख बी2बी व्यापारिक आगंतुक और 4.5 लाख सामान्य आगंतुक पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन में छह साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं।
यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों, एमएसएमई, हस्तशिल्प, वस्त्र, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और उभरते उद्योगों को घरेलू तथा वैश्विक बाजार से जोड़ना है। डिजिटल सुविधा के तहत खरीदार और प्रदर्शक पहले से बी2बी बैठकें भी तय कर सकते हैं।
रूस के साथ औद्योगिक और तकनीकी सहयोग पर संवाद तथा वियतनाम की ओर से व्यापार के साथ पर्यटन और संस्कृति का प्रदर्शन इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के व्यापक स्वरूप को सामने लाता है। इससे प्रदेश के निर्यातकों, एमएसएमई, स्टार्टअप और उद्यमियों को विदेशी कंपनियों के साथ सीधे कारोबारी संपर्क बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।