वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी एक बार फिर आस्था और रोशनी के अद्भुत संगम की साक्षी बनने जा रही है। योगी सरकार देव दीपावली को इस वर्ष और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियों में जुटी है। प्रांतीय मेले के रूप में घोषित देव दीपावली का आयोजन इस वर्ष 24 नवंबर को होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस अवसर पर काशी के गंगा घाटों को 11 लाख से अधिक दीपों से सजाने और रोशन करने की योजना है। इनमें करीब एक लाख दीप गाय के गोबर से निर्मित होंगे। इसके जरिए दीपोत्सव की धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। सरकार की तैयारियों के साथ जनभागीदारी से गंगा घाटों के अलावा तालाबों और कुंडों पर भी लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जब देव दीपावली पर काशी के अर्धचंद्राकार घाट लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे, तब गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित होती दीपों की आभा काशी की उस सनातन परंपरा को और जीवंत करेगी, जिसमें आस्था, अध्यात्म और जनभागीदारी का अद्भुत संगम दिखाई देता है। कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ की नगरी में श्रद्धालुओं के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस अनुपम दृश्य के साक्षी बनते हैं। देव दीपावली अब काशी की सीमाओं से निकलकर वैश्विक पहचान बना चुकी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक इस दिव्य और भव्य दीपोत्सव को देखने के लिए वाराणसी पहुंचते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन व्यापक तैयारियों में जुटा है। देव दीपावली के अवसर पर लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी का भी आयोजन प्रस्तावित है।
देव दीपावली ने विश्व स्तर पर काशी की एक अलग पहचान बनाई है। योगी सरकार द्वारा इसे प्रांतीय मेले का दर्जा दिए जाने के बाद आयोजन को और व्यापक एवं भव्य स्वरूप मिल रहा है। सरकार के साथ जनभागीदारी से गंगा घाटों के अलावा तालाबों और कुंडों पर भी लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।देव दीपावली के अवसर पर घाटों की विशेष साफ-सफाई के साथ गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक घाटों को फसाड लाइटिंग और इलेक्ट्रिक लाइटिंग से सजाया जाएगा। दीपों की रोशनी और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के बीच काशी की सदियों पुरानी स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उभरकर आएगा।
पर्यटन विभाग के अनुसार, गंगा महोत्सव का आयोजन 20 से 23 नवंबर तक और देव दीपावली 24 नवंबर को होगी। काशी के इन दोनों प्रमुख आयोजनों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। गंगा महोत्सव और देव दीपावली वाराणसी की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान से गहराई से जुड़े हैं।श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।