लखनऊ। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों ने आरक्षण विसंगति दूर कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। सुबह करीब आठ बजे बड़ी संख्या में आंदोलनरत अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री के आवास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी वार्ता कराकर भर्ती से जुड़ी आरक्षण विसंगति का समाधान कराया जाए।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि आयोग की संस्तुति के बावजूद अब तक मामले का न्यायपूर्ण समाधान नहीं हुआ है। इससे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों में नाराजगी है।
ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिलने का दावा
अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत छूट का लाभ नहीं दिया गया। इसी आधार पर वे परीक्षा परिणाम में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस मामले में ओबीसी अभ्यर्थियों को 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक पर उत्तीर्ण मानने और उसी के अनुरूप परिणाम संशोधित करने की संस्तुति की है। आयोग की संस्तुति के आधार पर सफल अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर आगे की कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठती रही है।
संशोधित परिणाम जारी कर नियुक्ति देने की मांग
आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती के मूल विज्ञापन में आवश्यक संशोधन किया जाए और आरक्षण नियमों के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी किया जाए। इसके बाद पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि मामला वर्षों से लंबित है और अब सरकार को इस पर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। 10 सितंबर को हुई बैठक में भी आरक्षण विसंगति के मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें ठोस समाधान का इंतजार है।
पुलिस ने हटाया, ईको गार्डन भेजे गए अभ्यर्थी
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने वहां से हटाया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में लेने का आरोप भी लगाया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलनरत अभ्यर्थियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन स्थित धरना स्थल भेज दिया गया।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर शासन स्तर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे किसी टकराव के बजाय सरकार से वार्ता और न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं।
वर्षों पुरानी भर्ती, अब आरक्षण विसंगति पर फिर तेज हुआ आंदोलन
68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 68,500 पदों के लिए आयोजित की गई थी। मूल विज्ञापन में इसी भर्ती के लिए 68,500 पद निर्धारित किए गए थे।
अब वर्षों बाद आरक्षण विसंगति का मुद्दा एक बार फिर तेज हो गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप कार्रवाई करते हुए संशोधित परिणाम जारी किया जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का रास्ता साफ किया जाए।