लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेस और सपा के लोग नहीं पहुंचे, क्योंकि उन्हें वोटबैंक दिखाई देता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमएस सभागार में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष 1926-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में अशोक सिंहल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। विहिप की ओर से 27 सितंबर को आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि और विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
‘रामजन्मभूमि के प्राण के रूप में जीवन समर्पित किया’
सीएम योगी ने कहा कि अशोक सिंहल ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। उनके अनुसार सिंहल ने जिस ज्वाला को प्रज्ज्वलित किया, वह केवल रामजन्मभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न मानबिंदुओं की प्रतिष्ठा और गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करने के संकल्प से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी विरासत और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सजग रहकर एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
‘बाबर के भक्तों की साजिश को नाकाम करेंगे बजरंग बली के भक्त’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर का विरोध करने वाले और रामभक्तों पर गोली चलाने वालों में से कुछ लोग समय-समय पर खुद को रामभक्त बताने का प्रयास करते हैं।
सीएम ने विहिप कार्यकर्ताओं और बजरंग दल से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देना है।
अयोध्या को लेकर कांग्रेस और सपा पर भी निशाना
योगी आदित्यनाथ ने रामजन्मभूमि विवाद से जुड़े न्यायालयीन मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि अशोक सिंहल की टीम में अधिवक्ता, पुरातत्वविद और विषय विशेषज्ञ तथ्यों एवं प्रमाणों के साथ काम कर रहे थे, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथियों की ओर से अनर्गल बयान दिए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर राम और कृष्ण के अस्तित्व को लेकर उच्चतम न्यायालय में दिए गए कथित शपथपत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हिंदू समाज का अपमान किया, वही आज अयोध्या के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इन दावों के संदर्भ में संबंधित न्यायालयीन रिकॉर्ड का हवाला देते हुए ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
‘देश, सनातन और हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित था जीवन’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने 1980 के दशक में जिस अभियान को आगे बढ़ाया, वह आगे चलकर हिंदू समाज के संगठन और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा। उन्होंने सिंहल के कथन ‘तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन देश, सनातन, एकता-अखंडता और समाज की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान अशोक सिंहल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए और बाद में प्रचारक के रूप में कार्य किया।
500 साल के संघर्ष का किया उल्लेख
रामजन्मभूमि आंदोलन के इतिहास का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 1528 के बाद लंबे समय तक रामजन्मभूमि को लेकर संघर्ष चलता रहा। उनके अनुसार इस अवधि में संतों, धर्माचार्यों, नागाओं, सिख योद्धाओं, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न वर्गों के लोगों ने रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उस समय समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखराव की थी और अशोक सिंहल ने विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम किया।
‘जब तक राम का काम नहीं, तब तक विश्राम नहीं’
सीएम योगी ने कहा कि 1982 में विहिप का दायित्व संभालने के बाद अशोक सिंहल ने रामजन्मभूमि आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1983 में राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के गठन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिंहल का संकल्प था कि राम का काम पूरा होने तक विश्राम नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंहल ने संत समाज को एक मंच पर लाने के साथ वनवासी क्षेत्रों और मलिन बस्तियों में एकल विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी करने में भी भूमिका निभाई।
1990 की घटना का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की अयोध्या घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि रामधुन गाते कारसेवकों पर तत्कालीन सरकार के दौरान लाठीचार्ज और गोली चलने की घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय अशोक सिंहल ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कार्यकर्ताओं के बीच दृढ़ता का संदेश दिया।
योगी ने कहा कि उनके गुरु महंत अवेद्यनाथ श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष थे और अशोक सिंहल के साथ राम मंदिर आंदोलन से जुड़े विषयों पर लगातार बैठकें होती थीं। उन्होंने कहा कि आज भव्य राम मंदिर के रूप में अशोक सिंहल का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।
‘अयोध्या में अब बदल चुकी है तस्वीर’
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहां अयोध्या में संकरी गलियां और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं अब रामपथ, धर्मपथ, भक्तिपथ और जन्मभूमि पथ जैसे प्रमुख मार्ग विकसित किए गए हैं।
उन्होंने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, विभिन्न यात्री सुविधाओं और संतों के नाम पर विकसित किए गए स्थलों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब सौर ऊर्जा आधारित शहर के रूप में भी विकसित हो रही है।
राम की पैड़ी के विकास का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद इसके कायाकल्प का काम किया गया। उन्होंने कहा कि अब राम की पैड़ी में एक साथ पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान की क्षमता विकसित हुई है।
राम की पैड़ी के विकास और दीपोत्सव से जुड़े अयोध्या के बदलाव का उल्लेख मुख्यमंत्री पहले भी करते रहे हैं। हालांकि पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के एक साथ स्नान करने की क्षमता संबंधी आंकड़ा मुख्यमंत्री के इस भाषण के दावे के रूप में ही लिया जाना चाहिए।
7700 से अधिक गो-आश्रय स्थलों का दावा
गोरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 7700 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित हैं और इनमें करीब 16 लाख गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है।
प्रदेश में 7700 से अधिक गो-आश्रय स्थलों और करीब 16 लाख गोवंश के संरक्षण का आंकड़ा अन्य सरकारी-संबंधित बयानों में भी सामने आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नस्ल के गोवंश की सेवा और संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
संतों और विहिप पदाधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, आरएसएस के प्रांत प्रचारक कौशल, संत श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी, रविंद्र कीर्ति स्वामी, भंते शीलरत्न, सरदार निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्य गिरि, विहिप के प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्र संगठन मंत्री गजेंद्र, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह और सीएमएस की संस्थापक भारती गांधी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
विहिप ने अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष को वर्षभर सेवा, सामाजिक समरसता, गौरक्षा, संस्कार निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक जागरण से जुड़े कार्यक्रमों के रूप में मनाने की रूपरेखा बताई है।