अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपावली की पूर्व संध्या पर होने वाले दीपोत्सव में इस बार रामनगरी 30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाने की तैयारी है। इसके साथ आसमान में 2,100 ड्रोन की प्रस्तुति, लेजर शो, थ्री-डी प्रोजेक्शन और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स जैसे आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। आयोजन को केवल राम की पैड़ी तक सीमित न रखकर अयोध्या के प्रमुख मार्गों, चौराहों, मंदिरों और मठों तक उत्सव का माहौल पहुंचाने की योजना है।
देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दीपोत्सव के साथ अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने दो रात-तीन दिन का विशेष पर्यटन पैकेज भी जारी किया है। इस पैकेज की कीमत 16,999 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई है। इसमें श्रीराम जन्मभूमि दर्शन, प्रमुख मंदिरों और विरासत स्थलों का भ्रमण, सरयू आरती और दीपोत्सव का अनुभव शामिल है। होटल में ठहराव और परिवहन की सुविधा भी पैकेज में शामिल है।
16,999 रुपये में अयोध्या दर्शन और दीपोत्सव का अनुभव
विशेष पर्यटन पैकेज के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दो रात और तीन दिन अयोध्या में रहने का अवसर मिलेगा। पैकेज में श्रीराम जन्मभूमि के दर्शन के साथ रामनगरी के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके अलावा सरयू आरती और दीपोत्सव के भव्य आयोजन को देखने का अवसर भी मिलेगा।
पर्यटकों के ठहरने के लिए होटल और स्थानीय आवागमन के लिए परिवहन की व्यवस्था पैकेज में शामिल की गई है। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को अलग-अलग स्तर पर होटल, वाहन और भ्रमण की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि व्यक्तिगत खर्च, स्मारकों का प्रवेश शुल्क जहां लागू हो, बोट राइड शुल्क, टिप्स, पोर्टरेज, लॉन्ड्री और कॉल आदि पैकेज में शामिल नहीं हैं। जीएसटी अलग से लागू होगा। अन्य नियम एवं शर्तें भी लागू रहेंगी।
पर्यटक पैकेज की बुकिंग घर बैठे कर सकेंगे। बुकिंग के लिए +91 83030 19844 और यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट उपलब्ध कराई गई है।
2100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण की झलक
इस बार दीपोत्सव में तकनीक और परंपरा का संगम देखने को मिलेगा। 2,100 ड्रोन का शो आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा। खास बात यह है कि ड्रोन शो को दीपोत्सव के दिन के साथ ही उसके दो दिन बाद होने वाले जमघट के अवसर पर भी आयोजित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा थ्री-डी प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स के जरिए रामनगरी में आधुनिक तकनीक से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। रामायण की थीम पर शहर की सजावट भी की जाएगी।
2100 से अधिक बटुक करेंगे सामूहिक सरयू आरती
दीपोत्सव के धार्मिक आयोजनों को भी व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। 2,100 से अधिक बटुक सामूहिक रूप से सरयू आरती करेंगे। इसके अलावा अयोध्या के 240 से अधिक मंदिरों और मठों में दीप प्रज्वलित किए जाने की योजना है।
शहर के 25 प्रमुख चौराहों को भी उद्योग एवं व्यापार संगठनों के सहयोग से सजाया जाएगा। धर्मपथ पर रामायण आधारित 10 द्वार बनाए जाएंगे, जबकि प्रमुख मार्गों पर तीन अन्य रामायण द्वार तैयार करने की योजना है।
रामायण थीम पर सजेगी पूरी रामनगरी
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की सजावट को रामायण आधारित स्वरूप देने की तैयारी है। प्रमुख सड़कों और सरयू तट पर रामायण के प्रसंगों से जुड़े सजावटी इंस्टॉलेशन लगाए जाएंगे। बच्चों और युवाओं को रामायण से जोड़ने के लिए सड़क किनारे लगाए जाने वाले प्रसंगों के साथ संक्षिप्त जानकारी देने की भी योजना है।
साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक झांकियों की शोभायात्रा, रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक लोकनृत्य भी आयोजन का हिस्सा होंगे। भरत मिलाप और भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक की भी तैयारी है।
सरयू में स्थापित होगा पुष्पक विमान
दीपोत्सव की तैयारियों में सरयू से जुड़े आकर्षण को भी विशेष स्थान दिया गया है। सरयू में पुष्पक विमान का स्थायी इंस्टॉलेशन स्थापित करने की योजना है। इसके साथ शहर के प्रमुख स्थानों पर रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को दर्शाने वाली सजावट की जाएगी।
पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट और दिशासूचक संकेतक भी विकसित किए जाने की योजना है, ताकि भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को प्रमुख स्थलों तक पहुंचने में सुविधा हो।
30 से अधिक देशों तक पहुंचेगा दीपोत्सव का निमंत्रण
दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाने के लिए विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। 30 से अधिक देशों में स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों तक निमंत्रण पहुंचाने की तैयारी है।
इसके अलावा विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किए जाने की योजना है। इससे अयोध्या के दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष नजर
लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती होगी। तैयारियों की समीक्षा में इन व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की संख्या पर नजर रखने और भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित व्यवस्था के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों को पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा प्रभावित किए बिना सेल्फी प्वाइंट और दिशासूचक संकेतक विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय कारोबार को मिलेगा नया अवसर
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से अयोध्या के स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। होटल, धर्मशाला, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और स्थानीय बाजारों से जुड़े कारोबारियों को बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से लाभ मिल सकता है।
रामनगरी के प्रमुख बाजारों, सड़कों और चौराहों को दीपोत्सव की थीम के अनुरूप सजाने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को मंदिर दर्शन के साथ अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय बाजारों का अनुभव भी मिलेगा।
पिछले साल जले थे 26.17 लाख से अधिक दीप
अयोध्या के दीपोत्सव ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार विस्तार हासिल किया है। वर्ष 2025 में सरयू तट पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। इस बार यह संख्या 30 लाख से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ष| प्रज्वलित दीप
2017| 1.71 लाख
2018| 3.01 लाख
2019| 4.04 लाख
2020| 6.06 लाख
2021| 9.41 लाख
2022| 15.76 लाख
2023| 22.23 लाख
2024| 25 लाख
2025| 26.17 लाख
2026| 30 लाख से अधिक का लक्ष्य
इस तरह 2026 में दीपोत्सव को केवल दीप प्रज्वलन के आयोजन के बजाय धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के व्यापक संगम के रूप में आयोजित करने की तैयारी है। 30 लाख से अधिक दीपों के साथ ड्रोन शो, सरयू आरती, रामायण आधारित सजावट और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस बार के आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।