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अयोध्या में पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाला गिरफ्तार, 7500 रुपये और दो मोबाइल बरामद

अयोध्या। पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारियों और आम लोगों पर पुलिसिया रौब जमाने तथा जांच के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर युवक को कोतवाली अयोध्या पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपित खुद को पुलिसकर्मी बताकर रेलवे स्टेशन और आसपास के व्यावसायिक इलाकों में दुकानदारों व आम लोगों को भयभीत करता था और उनसे रुपये तथा सामान वसूलता था। पुलिस ने उसके कब्जे से उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी की पूरी वर्दी, फर्जी पुलिस पहचान पत्र, अवैध वसूली के 7,500 रुपये और दो एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक आरोपित ने एक व्यक्ति से पुलिसिया रौब और झांसा देकर उसका मोबाइल फोन भी ले लिया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए आरोपित की तलाश शुरू की।

रेलवे स्टेशन और बाजार में खाकी का दिखाता था रौब

पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से स्थानीय व्यापारियों और अन्य लोगों से सूचना मिल रही थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस आरक्षी की वर्दी पहनकर रेलवे स्टेशन और आसपास के बाजार में घूम रहा है। वह खुद को पुलिसकर्मी बताकर दुकानदारों और व्यापारियों पर धौंस जमाता था।

आरोप है कि वह जांच के नाम पर लोगों को डराता और उनसे रुपये तथा सामान वसूलता था। पुलिस को यह भी सूचना मिली कि उसने एक व्यक्ति से पुलिसिया रौब दिखाकर उसका मोबाइल फोन ले लिया है।

परिक्रमा मार्ग पर घेराबंदी कर दबोचा

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी अयोध्या के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अयोध्या के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने संदिग्ध स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। 27 सितंबर 2026 को मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ी छावनी मोड़ के पास घेराबंदी कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मौके पर उससे पुलिस सेवा से संबंधित परिचय पत्र और विभागीय विवरण मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।

तलाशी में वर्दी, नकदी और दो मोबाइल मिले

पुलिस ने आरोपित की तलाशी ली तो उसके पास से उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी की पूर्ण वर्दी बरामद हुई। इसमें नेमप्लेट, बेल्ट, कैप, बूट और मोनोग्राम शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस पहचान पत्र भी बरामद किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित के कब्जे से अलग-अलग लोगों से कथित तौर पर वसूली गई 7,500 रुपये की नकदी और दो एंड्रायड मोबाइल फोन भी बरामद हुए। इनमें एक मोबाइल वह बताया गया है, जिसे एक व्यक्ति से पुलिसिया रौब दिखाकर लेने का आरोप है।

पूछताछ में खुद को पुलिसकर्मी नहीं बताया

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है। पुलिस का दावा है कि वह अवैध आर्थिक लाभ कमाने और लोगों में भय पैदा करने के उद्देश्य से अनधिकृत रूप से पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करता था।

गिरफ्तार आरोपित की पहचान सत्यम मिश्रा पुत्र उमेश चंद्र मिश्रा, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम मिश्रौलिया, पोस्ट कलवारी विजौरा, थाना कलवारी, जनपद बस्ती के रूप में हुई है।

इन धाराओं में मुकदमा दर्ज

कोतवाली अयोध्या पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मु0अ0सं0-724/26 के तहत बीएनएस की धाराओं 205, 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) में अभियोग पंजीकृत किया है। आवश्यक विवेचनात्मक कार्रवाई के बाद आरोपित को न्यायालय भेज दिया गया।

यह सामान हुआ बरामद

– उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी की पूर्ण वर्दी का एक सेट

– नेमप्लेट, बेल्ट, कैप, बूट और मोनोग्राम

– पुलिस का पहचान पत्र

– कथित अवैध वसूली के 7,500 रुपये

– दो एंड्रायड मोबाइल फोन

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राणा दिग्विजय सिंह, उपनिरीक्षक पवन कुमार, कांस्टेबल धनंजय गिरी और रिजर्व कांस्टेबल अभय सिंह शामिल रहे।

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