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बौद्ध भिक्षु के रूप में रक्सौल बॉर्डर से पकड़ाया बांग्लादेशी नागरिक

उमेश तिवारी

नेपाल। पूर्वी चंपारण के रक्सौल स्थित भारत नेपाल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस बांग्लादेशी शख्स के पास से भारतीय पासपोर्ट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। विशेष बात यह है कि यह बोधगया में रहता है और इसके पासपोर्ट में जो तस्वीर लगी है वह भी बौद्ध भिक्षु के रूप में है।

बताते चलें कि भारत- नेपाल सीमा पर स्थित विहार के रक्सौल बॉर्डर पर इमीग्रेशन टीम द्वारा एक बांग्लादेशी नागरिक को नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करते हुए रक्सौल बोर्डर पर पकड़ा है। बांग्लादेशी नागरिक के पास से भारतीय पासपोर्ट बरामद हुआ है। पकड़े गए व्यक्ति से इमीग्रेसन की टीम पूछताछ कर रही है। अब सवाल उठता है कि बांग्लादेशी नागरिक का भारत में पासपोर्ट कैसे बना?

बताया जा रहा है कि रक्सौल बॉर्डर पर इमीग्रेसन की टीम ने नेपाल के रास्ते एक बांग्लादेशी नागरिक को भारत में प्रवेश करते हुए देखा। उसकी जांच की गई तो वह बांग्लादेश का रहने वाला निकला। उसकी पहचान नेपाल बरुवा के 32 वर्षीय पुत्र श्रवण बरुवा के रूप में हुई है। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से भारत का पासपोर्ट बरामद हुआ है। खास बात यह है कि जो पासपोर्ट मिला है उसपर बौद्ध भिक्षु के रूप वाली तस्वीर लगी हुई है, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

बांग्लादेशी नागरिक का भारतीय पासपोर्ट कैसे बना यह एक यक्ष प्रश्न?

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक बोधगया में रह रहा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कौन है जो इसे मदद कर रहा है? आखिर किसके द्वारा इसका पासपोर्ट बनवाया गया?

सुरक्षा और विभिन्न खुफिया एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

जैसे ही इस बात की भनक जांच एजेंसियों को लगी है, सभी एक्टिव हो गईं। कई जांच एजेंसियां इमीग्रेसन ऑफिस पहुंचकर बांग्लादेशी नागरिक से पूछताछ कर रही हैं। इनमें आईबी की टीम, एसएसबी व अन्य जांच एजेंसियां शामिल हैं।

गिरफ्तारी के बाद हर पहलू पर जांच जारी-एसपी

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बॉर्डर पर चौकसी बरती जा रही है, जिसमें जांच के दौरान उसकी गिरफ्तारी हुई है। जांच के क्रम में जो दस्तावेज मिले हैं उसकी सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से जांच कर रही है।

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