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भागवत कथा के मंच से अखिलेश के सियासी तीर, बोले- प्रेम से मिलता है राज, योगी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा के कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में जाति, ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि सभी हरिभक्तों का मिलकर ‘जय राधे श्याम’ कहना भारतीय समाज और देश की खूबसूरती को दर्शाता है। भारत की संस्कृति में रामायण और महाभारत की शिक्षाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि उनके लिए प्रभु श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के संदेश में प्रेम, करुणा और लोककल्याण की भावना समान है। भागवत कथा मन और मनोबल को बढ़ाने के साथ ही ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देती है, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो।

सुदर्शन चक्र का उल्लेख कर सत्ता और संस्थाओं पर निशाना

अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सज्जनों की रक्षा करना है, उन्हें डराना नहीं। उन्होंने कहा कि राज छल से नहीं, बल्कि प्रेम से मिलता है। उनके अनुसार अहंकार और दूसरों का अपमान करने की प्रवृत्ति स्थायी नहीं होती। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों और सरकारी संस्थाओं से भी न्याय तथा जनहित की भावना के अनुरूप काम करने की बात कही।

चुनाव आयोग पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आयोग को भागवत कथा से प्रेरणा लेकर निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और गरीबों के वोट का अधिकार नहीं छीनने की बात कही। चुनाव प्रक्रिया को लेकर उनके आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं।

योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपने दावों को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो उन्हें यहां से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की ओर से पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद भाजपा अयोध्या सीट को लेकर लगातार सर्वे करा रही है। यह अखिलेश यादव का दावा है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने के लिए विकास कार्यों को गति देने की जरूरत है। उनके मुताबिक अयोध्या को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले तीर्थ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास ऐसा हो, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिले और उनकी दुकानों तथा मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने का वादा

सपा प्रमुख ने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो माताओं और बहनों को हर साल 40 हजार रुपये देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। ये समाजवादी पार्टी की ओर से भविष्य की सरकार के लिए किए गए राजनीतिक वादे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और सभी वर्गों को सम्मान देने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने प्रेम, दया और अपनत्व को समाज की मजबूती का आधार बताया।

राम मंदिर दर्शन के लिए भी तारीख तय करने की बात

अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने पहले संकल्प लिया था कि इटावा के सैफई में केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद पार्टी नेता पवन पांडेय से तारीख निकलवाकर सभी लोग राम मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने इस संकल्प को दोहराते हुए कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद दर्शन का कार्यक्रम तय किया जाएगा।

अयोध्या में भागवत कथा के मंच से अखिलेश यादव के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक बयानों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। उनके संबोधन में धार्मिक शिक्षाओं के साथ सामाजिक समानता, स्थानीय विकास, महिला सहायता, रोजगार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे विषय प्रमुख रहे।

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