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चौथी मंजिल की छत पर 6 सेकेंड बाउंड्री पर बैठे रहे रसिक दुलारी, फिर अचानक उठे और लगा दी छलांग: CCTV में कैद आखिरी पल

वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। 25 सितंबर की सुबह गुरु कृपा कुंज परिसर की चौथी मंजिल से गिरने की घटना का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज में रसिक दुलारी कुछ देर छत की बाउंड्री पर बैठे दिखाई देते हैं। इसके बाद वह फर्श पर लेट जाते हैं और कुछ सेकेंड बाद अचानक उठकर बाउंड्री की ओर जाते हैं और नीचे गिर जाते हैं। इस दौरान छत पर मौजूद दूसरा शिष्य घटनाक्रम देखकर उनकी ओर दौड़ता है और नीचे झांकता है।

घटना सुबह करीब 10:35 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए पुलिस अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

CCTV में दिखी रसिक दुलारी की आखिरी गतिविधियां

सामने आए फुटेज में रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल की छत पर दिखाई देते हैं। वह कुछ समय बाउंड्री के पास बैठे रहते हैं। इसके बाद फर्श पर लेट जाते हैं। करीब छह सेकेंड बाद अचानक उठते हैं और बाउंड्री की तरफ जाकर नीचे गिर जाते हैं।

घटना के तुरंत बाद दूसरा शिष्य दौड़कर वहां पहुंचता है और नीचे की ओर देखता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और संबंधित डीवीआर को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। ताजा सामने आए फुटेज को मामले की जांच में अहम माना जा रहा है।

25 सितंबर को हुई थी मौत, 26 को यमुना किनारे अंतिम संस्कार

रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर की सुबह चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अगले दिन पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार यमुना किनारे किया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्य और आश्रम से जुड़े लोग मौजूद रहे।

रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक लोधी बताया गया है और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह प्रेमानंद महाराज से जुड़े थे और आश्रम में बिजली संबंधी सेवा का काम करते थे।

कमरे से मिले सामान की भी जांच

पुलिस को रसिक दुलारी के कमरे से मोबाइल फोन समेत कुछ सामान मिला है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कमरे से एक ग्राइंडर भी बरामद हुआ था, जिस पर खून के निशान बताए गए हैं। पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटों की जानकारी सामने आई है। इन परिस्थितियों को लेकर पुलिस फॉरेंसिक जांच करा रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले रसिक दुलारी की गतिविधियां क्या थीं, उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया था और मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं। मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

आश्रम से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ

जांच के दौरान पुलिस प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम और उससे जुड़े परिसर में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस अब तक 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों के नाम-पते का सत्यापन भी किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। फिलहाल मौत के कारण और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। सीसीटीवी, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और पोस्टमार्टम से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार ने उठाए थे सवाल

घटना के बाद रसिक दुलारी के परिवार की ओर से भी कई सवाल उठाए गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि आश्रम आने के बाद उनका संपर्क परिवार से काफी कम हो गया था और उन्हें उनसे मिलने में परेशानी होती थी। पुलिस ने परिवार की ओर से सामने आए आरोपों की भी जांच में शामिल किया है।

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि 25 सितंबर की सुबह चौथी मंजिल की छत पर क्या हुआ था और रसिक दुलारी शरण की मौत किन परिस्थितियों में हुई। सीसीटीवी में उनकी अंतिम गतिविधियां सामने आने के बाद जांच को नई दिशा मिल सकती है, लेकिन घटना की पूरी तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी

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