नई दिल्ली। फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में साथी पायलट के हमले का सामना करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान भावुक हो गए। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बात कर उनका हालचाल जाना और संकट के समय दिखाए गए साहस तथा सूझबूझ की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि मुश्किल वक्त में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। विमान में हमले के दौरान भी वह इसी का पाठ कर रहे थे।
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस बातचीत को अपने लिए बेहद खास बताया। स्मित ने प्रधानमंत्री को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन से उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा का लिया सहारा
कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब भी वह किसी कठिन परिस्थिति में होते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। विमान में हुए हमले के दौरान भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास था कि ईश्वर उनके साथ हैं।
बातचीत में स्मित ने उस खौफनाक पल को भी याद किया, जब वह गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठ खड़े हुए। उन्होंने बताया कि चोटों के कारण वह नीचे गिर गए थे, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो उनकी जान जा सकती है। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
गंभीर चोटों के बावजूद खोल दिया कॉकपिट का दरवाजा
कैप्टन स्मित मच्छार 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार थे। इसी दौरान उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य लोगों ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद कैप्टन स्मित को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि विमान उड़ाने का उनका 17 साल से अधिक का अनुभव और पिछले 11 वर्षों से कैप्टन के रूप में काम करने का अनुभव उस कठिन परिस्थिति को समझने में मददगार रहा।
पीएम मोदी ने की साहस और सूझबूझ की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस, धैर्य और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान में सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित की बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। उन्होंने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वह उनसे संपर्क कर सकते हैं।
परिवार से भी बात कर चुके हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री इससे पहले कैप्टन स्मित के माता-पिता और पत्नी से भी बातचीत कर चुके हैं। उन्होंने उनके परिवार की चिंता साझा करते हुए स्मित की बहादुरी की सराहना की थी। बातचीत में उन्होंने स्मित की मां गीता बेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें भगवद्गीता के मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप जीवन जीने की सीख दी है।
कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। विमान में हुई घटना की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।