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डेढ़ दशक में 24 गुना बढ़ी लागत, पर अभी तक नहीं बन पाया रोहिन बैराज

ByJyoti Nishad

Sep 27, 2023

महराजगंज। चार सेवानिवृत्त अभियंताओं के खिलाफ विश्वास के आपराधिक आरोप में केस दर्ज होने के बाद नौतनवां क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनाया जा रहा रोहिन वीयर एक बार फिर सुर्खियों में है। आजादी के समय 1947 में बना रोहिन वीयर 2005 में बाढ़ से ध्वस्त होने के बाद वर्ष 2008 में शासन ने वीयर निर्माण के लिए मंजूरी दी। पर शासन द्वारा स्वीकृत ड्राइंग को ही बदल दिया गया। इसका असर देखने को मिला कि बैराज का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उसी समय आई बाढ़ से आठ पीलर को ध्वस्त कर दिया। इससे शासन को 229 लाख का नुकसान पहुंचा। तबसे लेकर अभी तक रोहिन वीयर की लागत डेढ़ दशक में 24 गुना बढ़ गया, लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इससे किसानों को नहर से सिंचाई के लिए रबी सीजन में केवल एक बार पानी मिलता है।

बताते चलें कि नौतनवां ब्लाक के ग्राम पंचायत रतनपुर में रोहिन नदी में वर्ष 1947 में वीयर का निर्माण कराया गया था। इसके साथ ही नौतनवां व लक्ष्मीपुर क्षेत्र में नहर की खुदाई भी कराई गई थी। रोहिन वीयर से नदी का पानी नहरों के माध्यम से वर्ष 2005 तक पहुंचाया जा रहा था। उस साल आए बाढ़ से वीयर ध्वस्त हो गया। वर्ष 2006 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने वीयर निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी।

अवर अभियंता सिंचाई खंड प्रथम के उमेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 148 करोड़ की लागत से डिजिटल बैराज निर्माण को स्वीकृति दी, लेकिन धन अवमुक्त नहीं हो पाया। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोहिन बैराज के लिए 148 करोड़ के प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। नाबार्ड ने सर्वे के बाद वित्तीय स्वीकृति प्रदान किया। कार्यदायी संस्था रायल इन्फ्रा इन्सट्रू लिमिटेड कम्पनी ने बैराज निर्माण का ठेका लिया। वर्ष 2020 से काम शुरू हुआ। वर्ष 2022 से बैराज निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हुआ। 25 मार्च 2024 तक बैराज निर्माण को कार्य पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। दो साल में केवल बैराज निर्माण का बेस तैयार हो पाया है।

सिंचाई के लिए नदी पर बांध निर्माण में खर्च हो चुका है छह करोड़

रोहिन वीयर के ध्वस्त होने के बाद नौतनवां व लक्ष्मीपुर क्षेत्र में सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई। सिंचाई विभाग नहर में पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 2006 से वर्ष 2021 तक नदी को मिट्टी से पूरी तरह बांधता था। उसके बाद दिसंबर से मई तक नहर में सिंचाई का पानी पहुंचता था। इन पन्द्रह साल में सिंचाई के लिए रोहिन नदी को बांधने में पांच से छह करोड़ खर्च किया। रोहिन नदी पर बैराज का निर्माण 2024 तक पूरा करा लिया जाएगा। कार्यदायी संस्था बेस का काम पूरा कर चुकी है। बरसात के मौसम के बाद तेजी से कार्य शुरू कराया जाएगा।

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