लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण का आयोजन होगा। आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रेड शो में देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों और आगंतुकों को जहां उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत देखने का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति, आधुनिक तकनीक और कृषि उत्पादों की भी झलक देखने को मिलेगी।
इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग को एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र आवंटित किया गया है। यहां कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि से जुड़ी संस्थाओं, मंडी परिषद, कृषि विपणन निदेशालय के साथ कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज और पौध संरक्षण रसायन बनाने वाली कंपनियां अपनी उपलब्धियों और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।
20 से अधिक एफपीओ दिखाएंगे किसानों की ताकत
कृषि विभाग के संवाद और समन्वय से 20 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इंटरनेशनल ट्रेड शो में हिस्सा लेंगे। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के एफपीओ यहां अपने कृषि उत्पादों और कार्यों का प्रदर्शन करेंगे।
अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर और गोंडा समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी।
इससे प्रदेश के प्रगतिशील किसानों और किसान उत्पादक संगठनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
एक ही जगह दिखेगी यूपी की पूरी कृषि तस्वीर
इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग की प्रदर्शनी के तहत कुल 61 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें 20 स्टॉल एफपीओ के होंगे, जबकि कृषि निवेश से जुड़े बीज, पौध संरक्षण रसायन, उर्वरक और कृषि यंत्रों की 40 कंपनियां हिस्सा लेंगी। इसके अलावा एक शासकीय स्टॉल भी लगाया जाएगा।
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी समेत कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं की सहभागिता रहेगी।
कृषि तकनीक से लेकर बीज और ड्रोन तक की मिलेगी जानकारी
प्रदर्शनी में कृषि निवेशों के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, उन्नत बीज, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों की जानकारी भी आगंतुकों को दी जाएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों और नवाचारों को समझने का अवसर मिलेगा।
कृषि विभाग का उद्देश्य प्रदेश के किसानों, एफपीओ और कृषि क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने उत्पादों और तकनीकों को व्यापक बाजार के सामने प्रस्तुत कर सकें।
अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी नामित
इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग की व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह को संपूर्ण व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों से समन्वय के लिए अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) वाईपी सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। उर्वरक कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र कुमार मिश्र नोडल अधिकारी होंगे।
वहीं कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र और कृषि उपकरण एवं ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी यूपी की कृषि क्षमता
इंटरनेशनल ट्रेड शो के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसानों, एफपीओ और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। एक ही स्थान पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों की कृषि उपज, तकनीक, उपकरण और कृषि आधारित नवाचार देखने को मिलेंगे।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यहां आने वाले अतिथि और आगंतुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में एफपीओ, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी कंपनियों की भी सहभागिता रहेगी।