चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों की आय और फसल के उचित मूल्य को लेकर अपनी नीति को और मजबूत करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां किसानों की सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। सरकार के मुताबिक, फसल खरीद की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक करीब 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। वहीं, पिछले वर्षों में प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर भी किसानों को आर्थिक सहायता दी गई है।
24 फसलों की MSP पर खरीद का दावा
हरियाणा सरकार ने किसानों को उनकी उपज का सुनिश्चित मूल्य दिलाने के लिए 24 फसलों को MSP खरीद के दायरे में रखने की नीति अपनाई है। राज्य सरकार की ओर से जून 2026 में भी कहा गया था कि प्रदेश में किसानों की सभी 24 फसलों की MSP पर खरीद की जा रही है।
सरकार का तर्क है कि इससे किसानों को बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपनी उपज के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य का भरोसा मिलता है।
12 लाख किसानों के खातों में सीधे पहुंची रकम
CM नायब सिंह सैनी के मुताबिक फसल खरीद के एवज में अब तक करीब 12 लाख किसानों को 1.86 लाख करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।
सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान में बिचौलियों की भूमिका कम करना और किसानों को उपज की राशि समय पर उपलब्ध कराना है।
फसल खराब होने पर भी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में फसल खराबे से प्रभावित किसानों को करीब 16,160 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। हरियाणा सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी पिछले 11 वर्षों में फसल नुकसान के मुआवजे के तौर पर ₹16,160 करोड़ वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस सहायता का मकसद प्राकृतिक आपदा या अन्य परिस्थितियों में फसल खराब होने से किसानों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
MSP से लेकर मुआवजे तक किसान केंद्र में
हरियाणा सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य दिलाने के साथ-साथ फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। MSP पर खरीद और सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर पेश किया जा रहा है।
वहीं, केंद्र सरकार ने भी 2026 में हरियाणा के लिए रबी फसलों की MSP खरीद को मंजूरी दी है। मार्च 2026 में हरियाणा में करीब 3.73 लाख मीट्रिक टन चना और सरसों की MSP पर खरीद के लिए ₹2,312 करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई थी।
किसानों की आय और जोखिम दोनों पर फोकस
हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था में MSP खरीद की अहम भूमिका है। सरकार की कोशिश है कि एक ओर किसानों को उनकी उपज का सुनिश्चित मूल्य मिले, वहीं दूसरी ओर मौसम या प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने पर उन्हें आर्थिक राहत दी जा सके।
CM सैनी के इन आंकड़ों के बाद हरियाणा की कृषि नीति में MSP खरीद, सीधे भुगतान और फसल नुकसान मुआवजा तीन प्रमुख आधार के तौर पर सामने आते हैं।