वेंकटचलम (नेल्लोर)। स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति सदियों से उसके गांव रहे हैं। गांव केवल अर्थव्यवस्था के केंद्र नहीं रहे, बल्कि सामाजिक जीवन, संस्कृति, ज्ञान, जल संरक्षण, कृषि, पशुपालन और स्थानीय हुनर के भी आधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर में भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था कमजोर हुई, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई।
गांवों की आत्मनिर्भरता को फिर मजबूत करने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गांव की अर्थव्यवस्था एक तरह की सर्कुलर इकोनॉमी थी, जहां एक व्यक्ति का उत्पादन दूसरे की आजीविका का आधार बनता था। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार और स्थानीय संस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं।
उन्होंने महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो। इसी सोच के साथ पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने वर्ष 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी।
वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहा ट्रस्ट
सीएम योगी ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्र, दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा, किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण और विद्यालयों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा देकर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों पर श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी में माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा और आवास की सुविधा दी जा रही है। इन विद्यालयों में आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।
पुराने हुनर को नया बाजार देने पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसके उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों के पास हुनर तो था, लेकिन आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना शुरू की गई। कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण, मार्केटिंग और निर्यात का मंच उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है।”
गांव की बेटियों को गांव में ही मिला रोजगार
ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वर्ण भारत ट्रस्ट की प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण और आवास की व्यवस्था बेहद जरूरी है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति और बीसी सखी योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण बेटियों को प्रशिक्षण और डिजिटल डिवाइस देकर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया। अब गांव के बुजुर्गों और अन्य लोगों को बैंकिंग सेवाएं उनके घर पर मिल रही हैं और यह काम उसी गांव की बेटियां कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने गोवंश संरक्षण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं और निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय जुलाई से नवंबर के बीच दिमागी बुखार के कारण हजारों मौतें होती थीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी अभियानों के जरिए इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और दस्तक अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि घर-घर जागरूकता पहुंचाने और स्वच्छता पर जोर देने से दशकों पुरानी इस समस्या के उन्मूलन की दिशा में सफलता मिली।
‘तकनीक भेदभाव नहीं करती’, डिजिटल इंडिया की बताई ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक का युग है और तकनीक का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तकनीक के इस्तेमाल से महिला और ग्रामीण सशक्तीकरण को नई गति मिली है।
उन्होंने जनधन खातों और डीबीटी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। डिजिटल लेन-देन ने गरीब, किसान, महिला और छोटे दुकानदारों के लिए आर्थिक गतिविधियों को आसान बनाया है।
‘ग्लोबल भी हो और रूटेड भी’ हो नई पीढ़ी
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो ग्लोबल भी हो और अपनी जड़ों से जुड़ी भी। युवा आधुनिक तकनीक से लैस हों, लेकिन उनके हृदय में भारत, अपनी संस्कृति के प्रति गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना हो।
उन्होंने कहा कि स्वर्ण भारत ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग-अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
वेंकैया नायडू को बताया उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूरे होने पर उसके पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। उन्होंने ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की प्रशंसा करते हुए उन्हें उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु बताया।
सीएम योगी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में वेंकैया नायडू ने सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू का योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेशभूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2001 में शुरू हुईं दो यात्राएं, लक्ष्य विकसित भारत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहते हुए समाज सेवा की यात्रा शुरू की थी और आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। इसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में शुरू हुई। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है—विकसित भारत।
उन्होंने कहा कि जब सरकार और समाज की दिशा एक हो, संकल्प एक हो और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास हों, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
समारोह में आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री पी. नारायणा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री वाई. सत्य कुमार यादव, बीजेपी आंध्र प्रदेश अध्यक्ष पी.बी.एन. माधव, राज्यसभा सांसद बीडा मस्तान राव, स्वर्ण भारत ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास, विधायक सोमीरेड्डी चंद्रमोहन रेड्डी, मैनेजिंग ट्रस्टी दीपा वेंकट सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।