• Sat. Sep 19th, 2026

Lucknow News: एयरपोर्ट पर 40 लाख के आईफोन-मैकबुक पकड़े, बिना बिल लाया जा रहा था माल: 14.32 लाख जुर्माना

लखनऊ। एप्पल के महंगे आईफोन और मैकबुक की बढ़ती कीमतों के बीच दूसरे राज्यों से बिना बिल और ई-वे बिल के इलेक्ट्रॉनिक सामान लाकर बेचने के मामले अब राज्य कर विभाग की निगरानी में आ रहे हैं। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अमौसी पर राज्य कर विभाग की सचल दल द्वितीय इकाई ने अहमदाबाद से लाया जा रहा करीब 40 लाख रुपये मूल्य का आईफोन और मैकबुक पकड़ा है। जांच के दौरान माल के साथ आवश्यक प्रपत्र नहीं मिले। कार्रवाई के बाद व्यापारी से 14.32 लाख रुपये अर्थदंड जमा कराया गया और माल अवमुक्त कर दिया गया।

आईफोन-15, आईफोन-17 और मैकबुक एम-2 शामिल

राज्य कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए माल में आईफोन-15, आईफोन-17 और मैकबुक एम-2 शामिल थे। अहमदाबाद से लखनऊ लाए जा रहे इन उत्पादों के साथ न तो खरीद-बिक्री से संबंधित बिल मिला और न ही ई-वे बिल।

लखनऊ जोन-प्रथम के अपर आयुक्त एवं एसआईबी हेड मनोज कुमार विश्वकर्मा के मुताबिक, सचल दल द्वितीय इकाई के सहायक आयुक्त आशीष कुमार और राज्य कर अधिकारी संतोष कुमार ने कार्रवाई की। माल को कब्जे में लेकर उसका भौतिक सत्यापन कराया गया और व्यापारी को आवश्यक नोटिस जारी किया गया।

व्यापारी ने स्वीकार किया माल का स्वामित्व

जांच के दौरान अहमदाबाद के व्यापारी ने माल पर अपना स्वामित्व स्वीकार कर लिया। इसके बाद विभाग ने देय कर की दोगुनी राशि के रूप में 14.32 लाख रुपये अर्थदंड जमा कराया। अर्थदंड की राशि जमा होने के बाद माल को अवमुक्त कर दिया गया।

बस और रेलवे मार्ग से भी पकड़ा जा चुका है बिना बिल का माल

राज्य कर विभाग की निगरानी सिर्फ हवाई मार्ग तक सीमित नहीं है। इससे पहले बसों के जरिए बिना बिल लाए गए मोबाइल फोन और मोबाइल पार्ट्स के मामलों में करीब 5.66 लाख रुपये अर्थदंड जमा कराया जा चुका है।

इसके अलावा मुंबई और महाराष्ट्र से रेलवे के रास्ते बिना आवश्यक दस्तावेजों के लाए जा रहे माल को भी सचल दल प्रथम और द्वितीय इकाई ने पकड़ा है। ऐसे मामलों में भी अर्थदंड की कार्रवाई की जा रही है।

महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान पर बढ़ी निगरानी

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन और दूसरे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमत अधिक होने के कारण इन पर देय कर की राशि भी काफी होती है। ऐसे में बिना दस्तावेज माल के परिवहन पर कर चोरी की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है।

अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बसों और सड़क मार्गों पर दूसरे राज्यों से आने वाले महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की जांच की जा रही है। विभाग का जोर खास तौर पर ऐसे माल की आवाजाही पर है, जिसके साथ आवश्यक कर संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते।

आईफोन की कीमत में बड़ा अंतर

एप्पल के आईफोन की मौजूदा कीमतों ने भी महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की चर्चा बढ़ाई है। एप्पल की आधिकारिक भारतीय वेबसाइट पर इस समय आईफोन-17 की शुरुआती कीमत 99,900 रुपये है। वहीं सितंबर 2025 में इसके लॉन्च के समय शुरुआती कीमत 82,900 रुपये थी। यानी मौजूदा कीमत लॉन्च कीमत से 17,000 रुपये अधिक है।

वहीं नए आईफोन-18 प्रो की भारत में शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और आईफोन-18 प्रो मैक्स की 1,79,900 रुपये है। इनकी बिक्री 18 सितंबर 2026 से शुरू हुई है।

मैकबुक की कीमतों पर भी नजर

एप्पल के मौजूदा भारतीय स्टोर पर मैकबुक की कीमतें भी मॉडल के अनुसार काफी अधिक हैं। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर मैकबुक एयर की शुरुआती कीमत 1,49,900 रुपये और मैकबुक प्रो की 2,39,900 रुपये है।

ऐसे में महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की अंतरराज्यीय आवाजाही के दौरान दस्तावेजों की जांच राज्य कर विभाग के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई इसी बढ़ी निगरानी का हिस्सा मानी जा रही है।

खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच तेज

मनोज कुमार विश्वकर्मा के अनुसार, विभाग को मिलने वाली खुफिया सूचनाओं के आधार पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान के परिवहन पर निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि महंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमत बढ़ने के साथ इनसे जुड़े कर की राशि भी बढ़ती है, इसलिए बिना दस्तावेज माल की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है।

लखनऊ में हुई ताजा कार्रवाई से साफ है कि दूसरे राज्यों से आने वाला महंगा इलेक्ट्रॉनिक सामान अब केवल सड़क मार्ग ही नहीं, बल्कि रेल और हवाई मार्ग पर भी राज्य कर विभाग की जांच के दायरे में है।

Leave a Reply