नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की गाथा को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाली प्रसिद्ध ‘अयोध्या की रामलीला’ इस बार दिल्ली में भव्य रूप में मंचित होने जा रही है। इस वर्ष आयोजन का खास आकर्षण मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज मेजो (Kaziah Liz Mejo) होंगी, जो माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। रामलीला का आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में किया जाएगा।
भव्य मंचन में आधुनिक तकनीक, विशाल एलईडी स्क्रीन और आकर्षक मंच सज्जा के जरिए रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप देने की तैयारी है। आयोजकों के मुताबिक इस बार रामलीला को देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रसारण पर भी विशेष जोर रहेगा।

मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 निभाएंगी माता सीता की भूमिका
इस वर्ष रामलीला का सबसे बड़ा आकर्षण केजिया लिज मेजो का माता सीता के रूप में अभिनय होगा। सौंदर्य प्रतियोगिता के मंच से पहचान बनाने वाली केजिया अब रामकथा के इस महत्वपूर्ण किरदार के जरिए दर्शकों के सामने होंगी।
अयोध्या की रामलीला में इससे पहले भी मिस इंडिया यूनिवर्स के विजेताओं को सीता की भूमिका में उतारा जा चुका है। वर्ष 2024 में रिया सिंघा और 2025 में मानिका विश्वकर्मा ने माता सीता का किरदार निभाया था।
रवि किशन बनेंगे प्रभु श्रीराम
इस बार रामलीला में सांसद और अभिनेता रवि किशन प्रभु श्रीराम की भूमिका निभाएंगे। रवि किशन पहले भी अयोध्या की रामलीला में अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभा चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें भगवान श्रीराम के किरदार में देखने का दर्शकों को विशेष इंतजार है।
आयोजकों के अनुसार, रामलीला में भोजपुरी सिनेमा और हिंदी फिल्म जगत के कई चर्चित कलाकार भी अलग-अलग पात्रों को जीवंत करेंगे। अरुण बख्शी रावण, बिंदु दारा सिंह कुंभकरण, अवतार गिल मेघनाद और पुनीत इस्सर परशुराम की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं रजा मुराद समेत कई अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
पहली बार दिल्ली में हो रहा आयोजन
‘अयोध्या की रामलीला’ के लिए इस वर्ष दिल्ली का मंच चुना गया है। आयोजक सुभाष मलिक के मुताबिक, अयोध्या में सात वर्षों तक आयोजन के बाद इस बार रामलीला को राजधानी दिल्ली में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके पीछे प्रमुख कारण बड़े स्तर पर होने वाले प्रसारण को मौसम संबंधी व्यवधानों से बचाना बताया गया है। आयोजकों ने यह भी कहा है कि अयोध्या के दर्शकों को रामलीला से जोड़े रखने के लिए आगे अयोध्या में भी आयोजन का कार्यक्रम रखा गया है।
62 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंची रामलीला
अयोध्या की रामलीला की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2025 में इसके डिजिटल प्रसारण को आयोजकों के अनुसार 62 करोड़ से अधिक दर्शकों ने देखा था। रामलीला का प्रसारण 50 से अधिक देशों तक पहुंचा था।
पिछले वर्षों में डिजिटल माध्यम से इसकी पहुंच लगातार बढ़ी है। 2020 में करीब 16 करोड़ दर्शकों से शुरू हुआ यह आंकड़ा 2025 में 62 करोड़ से अधिक तक पहुंचा। आधुनिक तकनीक और फिल्मी कलाकारों की भागीदारी ने इस आयोजन को देश के साथ-साथ विदेशों में भी दर्शकों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है।
इस बार 120 फीट की एलईडी स्क्रीन का आकर्षण
आयोजकों की तैयारियों में विशाल एलईडी स्क्रीन भी शामिल है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार इस बार करीब 120 फीट लंबी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे मंच पर होने वाले दृश्यों को दर्शकों तक बड़े और स्पष्ट रूप में पहुंचाया जा सके। शाम के सत्र में फिल्मी कलाकार रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन करेंगे।
आयोजकों के मुताबिक इस वर्ष 60 से अधिक फिल्मी कलाकारों की भागीदारी होगी और कार्यक्रम का डिजिटल प्रसारण भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।
‘प्रभु श्रीराम दिल्ली आ रहे हैं’
रामलीला के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को भव्य रूप देने की तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रभु श्रीराम दिल्ली आ रहे हैं और राजधानी के लोग इस भव्य आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आयोजन समिति में सुभाष मलिक संस्थापक एवं अध्यक्ष, शुभम मलिक महासचिव और जतिन मलिक उपाध्यक्ष हैं। रामलीला समिति का दावा है कि आधुनिक तकनीक, बड़े कलाकारों और डिजिटल प्रसारण के जरिए इस वर्ष के मंचन को देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।