प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए MD ड्रग बनाने वाली एक कथित अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, मेजा इलाके में छापेमारी कर करीब 52 किलो 932 ग्राम MD (मेथामफेटामाइन) बरामद की है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब ₹139 करोड़ बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से MD तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण भी मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि यहां मादक पदार्थ का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा था।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को अवैध मादक पदार्थ निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े इनपुट मिले थे। इसी आधार पर टीम ने प्रयागराज पहुंचकर मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला में कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को एक ऐसी जगह मिली, जहां कथित तौर पर MD तैयार करने के लिए लैबनुमा सेटअप बनाया गया था। मौके से तैयार मादक पदार्थ के साथ निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण बरामद किए गए।
52 किलो 932 ग्राम MD बरामद
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में कुल 52 किलो 932 ग्राम MD बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद MD कहां सप्लाई की जानी थी और इस कथित अवैध फैक्ट्री से जुड़े नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फैक्ट्री में मिला लैब जैसा सेटअप
पुलिस को मौके से MD बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन, कंटेनर और विभिन्न लैब उपकरण मिले हैं। इससे जांच एजेंसियों को आशंका है कि यहां केवल ड्रग का भंडारण नहीं, बल्कि उसका निर्माण भी किया जा रहा था।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री कब से संचालित थी और यहां तैयार की गई ड्रग की सप्लाई किन शहरों या राज्यों तक की जाती थी।
नेटवर्क और आरोपियों की तलाश तेज
मुंबई क्राइम ब्रांच अब बरामद ड्रग के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार में स्थानीय स्तर पर किन लोगों की भूमिका थी और ड्रग की सप्लाई के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है। पुलिस की ओर से आरोपियों, बरामद रसायनों और लैब उपकरणों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।