दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने नीरज तिवारी को पूर्वांचल मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है नीरज तिवारी को पूर्वांचल मोर्चा का अध्यक्ष बनाए जाने का राजनितिक मतलब क्या है? इस कदम से आखिर भाजपा को कितना फायदा होगा? और ये नीरज तिवारी कौन हैं? जैसे कई सवाल दिल्ली में पूर्वांचली समुदाय के भाजपा समर्थित और भाजपा विरोधी दोनों समूह के मतदताओं के जेहन में तैर रहे हैं इन्ही सभी सवालों की पड़ताल इस रिपोर्ट में की गई है। पहला सवाल है कि इस नियुक्ति का राजनितिक निहितार्थ क्या है? दिल्ली में आप पार्टी की सरकार है लगातर कई चुनावों में भाजपा को केजरीवाल सरकार से पराजय झेलनी पड़ी है कारण अनेक हो सकते हैं लेकिन इसमें एक बहुत बड़ा कारण दिल्ली में पूर्वांचली समुदाय की वोट बैंक पर आप पार्टी की जोरदार पकड़ एक महत्वपूर्ण कारण है।
जिसके चलते लगातर चुनावों में पूर्वांचली वोटो का बडा हिस्सा आप सरकार के पक्ष में गया है जो आप के विजय और भाजपा के पराजय का कारण बना है। एक तथ्य यह भी है कि पूर्वांचली वोटो की अधिकांश आबादी दिल्ली के अनधिकृत कालोनियों और झुग्गी बस्तियों में निवास करती है ऐसे में यूं तो भाजपा ने इस मतदाता समूह में भाजपा के विस्तार के लिए अनेक चेहरों को मौका दिया है मगर इस निगम चुनावों के परिणाम में भले ही भाजपा हार गईं मगर झुग्गी बस्तियों में भाजपा का वोट प्रतिशत काफ़ी बढ़ा है इसका प्रमुख कारण ये भी रहा है कि नीरज तिवारी भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रभारी रहते हुए।
झुग्गी बस्तियों में काफ़ी प्रवास किए और झुग्गी सम्मान यात्रा, झुग्गी बस्तियों में क्रॉस कंट्री रेस, झुग्गी वासियों को मकान आबंटन और मोदी सरकार की योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने के लिए दर्जनों विधानसभाओं में नमो सेवा केंद्र की स्थापना से झुग्गी वासियों के दिल में भाजपा के प्रति भरोसा बढ़ा जो निगम चुनाव में वोट प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ पार्टी की संज्ञान में आया। इस पुरे अभियान में नीरज तिवारी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और दिल्ली में भाजपा को झुग्गियों तक पहुंचाने के लिए पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान में आए। ऐसे वक्त में जब आने वाले समय में 2024 में लोक सभा चुनाव में सभी सातों सीटें जीतने की चुनौती है वहीं 2025 के विधानसभा चुनाव में आप सरकार को पराजित करने करने का लक्ष्य है ऐसे में एक जुझारू और नए चेहरे की तलाश थी जो भाजपा ने नीरज तिवारी को आगे कर एक उचित निर्णय लिया है। नीरज तिवारी मूल रूप से बिहार के सिवान जिले से आते हैं इनका जन्म चंपारण में हुआ था,युवा चेहरा हैं।
बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से लेकर अनेको सामायिक संगठनों में सक्रिय रहें हैं दिल्ली भाजपा में पूर्वांचल मोर्चा के उपाध्यक्ष, झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रभारी, भाजपा दिल्ली प्रदेश में मंत्री, नमो सेवा केंद्र के संयोजक के रूप में अपनी भूमिकाओं से न्याय किया है खासकर झुग्गी बस्तियों में अपनी मजबूत पकड़ के लिए भाजपा नेतृत्व में भरोसा पैदा किया है पार्टी से अलग भी दिल्ली में विभिन्न छठ पूजा समितियों के सक्रिय सद्स्य और छठ पर्व की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका, भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची की लड़ाई में सक्रियता, मैथिली, मगही, अवधी सहित पूर्वांचल की लोक भाषाओं, संस्कृति के विकास के प्रयासरत एवम् इन भाषाओं में संवाद कौशल नीरज तिवारी की विशेषता हैं।
इन्होंने डॉ. गोविंद नारायण सिंह ट्रस्ट, भिखारी ठाकुर स्मृति न्यास, जैसे संगठनों के माध्यम से झुग्गियों में दर्जनों स्वास्थ्य शिविर , मंगल पाठशाला, वस्त्र वितरण, भोजन वितरन, कोरोना में सक्रियता, संस्कृतिक आयोजन, लगभग 10 हजार से ज्यादा निःशुल्क गैस कनेक्शन का वितरण, जैसे अनेकों कार्यों से निरंतर दिल्ली से लेकर बिहार , यूपी, मध्यप्रदेश, राजस्थान में अपनी सामाजिक गतिविधियां संचालित करते रहें हैं ये कार्य भी भाजपा नेतृत्व का भरोसा जितने में सहायक सिद्ध हुआ है ऐसे में नवनियुक्त दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष नीरज तिवारी को आने वाले समय में दिल्ली के पूर्वांचली समुदाय के बीच भाजपा के प्रति भरोसा बढ़ाना और आने वाले चुनावों में पूर्वांचली मतों का भाजपा के प्रति गोल बंद करना एक बड़ी चुनौती है आगामी लोक सभा चुनाव और विधान सभा चुनाव में इनकी अग्नि परीक्षा होगी।आने वाले समय में देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व के भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं नीरज तिवारी।