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राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई संपन्न 

ByJyoti Nishad

Oct 8, 2023

अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट की प्रत्येक 3 माह पर होने वाली बैठक आज राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणि रामदास छावनी पर हुई जिसमें 15 में से 12 ट्रस्ट के सदस्य उपस्थित रहे इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के वयोवृद्ध सदस्य के परासरण वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे राम लला के आय व्यय को लेकर बैठक में जानकारी दी गई इसके साथ ही प्रतिष्ठा महोत्सव को भव्य बनाने के लिए प्रमुख रूप से बैठक में चर्चा हुई लगभग 3 घंटे से ज्यादा बैठक चली जिसमें मुख्य रूप से रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी को लेकर चर्चा की गई बैठक की अध्यक्षता भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा के द्वारा की गई।

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में 18 बिंदुओं पर चर्चा हुई है जिसमें विदेशी मुद्रा से दान लेना के लिए ट्रस्ट के कानूनी प्रक्रिया की जानकारी एक दूसरे को दी गई है और उस पर आवेदन भी किया गया है साथ ही सरयु के तट पर स्थित राम कथा संग्रहालय लीगल तौर से 9 अक्टूबर से राम मंदिर ट्रस्ट के पास होगा उसकी विधिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है राम कथा संग्रहालय लेने का प्रमुख उद्देश्य राम मंदिर के 500 सालों का इतिहास और 50 साल के लीगल डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रखना ताकि आगामी जान सके इसके साथ ही जानकारी देते हुए कहा कि 2020 से 31 मार्च 2023 तक निर्माण कार्य में और उससे जुड़े हुए कार्य में कुल 900 करोड रुपए खर्च हुए हैं इसके अलावा रामलला के बैंक खातों में फिक्स और बचत खाते में लगभग 3000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि बनी हुई है रामलला के मंदिर निर्माण और से जुड़े कार्य के लिए खर्च में प्रमुख रूप से प्रतिदिन मंदिर के चढ़ावे को ही लिया जा रहा है निधि समर्पण अभियान में समर्पित हुई धनराशि को बहुत थोड़ा ही राम लला के मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किया गया है चंपत राय ने जानकारी देते हुए कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा और भगवान के पूजन पद्धत को लेकर धार्मिक समिति बनी है जिसमें नृत्य गोपाल दास गोविंद देवगिरी तेजावर स्वामी चंपत राय अनिल मिश्रा के साथ-साथ अयोध्या के रामानंद दास कमलनयन दास मैथिली शरण समेत चार संतों को शामिल किया गया है जो भगवान के प्राण प्रतिष्ठा भगवान के श्रृंगार वस्त्र भगवान की पूजा पद्धति पर काम करेंगे इसके साथ ही चम्पत राय ने कहा कि अयोध्या में रामानंदी प्रथा से भगवान का पूजन अर्चन होता है इसलिए रामलला का पूजन अर्चन भी रामानंदी प्रथा से होगा।

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने जानकारी देते हुए कहा कि रामलला के मंदिर निर्माण का कार्य तीन चरण में हो रहा है दिसंबर 2023 तक रामलला के भूतल का निर्माण पूरा होगा दिसंबर 2024 तक रामलला के मंदिर के प्रथम तल का निर्माण पूरा होगा और दिसंबर 2025 तक रामलला का पूर्ण मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।

इसके अलावा पूरे देश में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के महोत्सव मनाने के लिए रामलला के सामने अक्षत पूजा किया जाएगा और पूजित अक्षत को पूरे देश में वितरण का काम विश्व हिंदू परिषद के पूरे देश के 50 केदो से दो-दो चार-चार कार्यकर्ता क्रमबद्ध तरीके से लोगों तक पूजित अक्षक को पहुंचाएंगे इसमें प्रमुख रूप से 1 जनवरी से 15 जनवरी तक हिंदुस्तान के पांच लाख गांव में पूजित अक्षत पहुंच कर यह संदेश दिया जाएगा अपने आसपास के मठ मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी करें भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजन करें और इसके साथ ही प्रतिष्ठा के दिन सूर्यास्त के बाद पूरे देश में अपने-अपने घरों के सामने पांच दीपक जलाएं ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि रामलला की प्रतिष्ठा के पश्चात रामलला की फोटो लेकर अयोध्या आने वाले प्रत्येक दर्शनार्थी को प्रसाद के तौर पर वितरित किया जाएगा और रामलला की फोटो आगामी 2 वर्षों में 10 करोड़ घरों तक पहुंचे इसका लक्ष्य रखा गया है।

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