लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मैनपुरी के समान पक्षी विहार के आसपास पर्यटन विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सरकार ने पक्षी विहार के निकट 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विकसित होने वाला यह क्षेत्र ‘मयंक ऋषि पक्षी विहार’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार के इस फैसले से समान पक्षी विहार को इको-टूरिज्म और बर्ड वॉचिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ होगा। यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित होने के साथ देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
रामसर साइट है समान पक्षी विहार
मैनपुरी का समान पक्षी विहार उत्तर प्रदेश के प्रमुख आर्द्रभूमि क्षेत्रों में शामिल है और रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है। गंगा के मैदानी क्षेत्र में स्थित मौसमी झील की जैव विविधता इसे प्रकृति पर्यटन के लिए खास बनाती है।हर वर्ष प्रवास के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी पक्षियों की अनेक प्रजातियां यहां पहुंचती हैं। इसके चलते यह स्थान बर्ड वॉचिंग, प्रकृति पर्यटन और फोटोग्राफी के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
नाव और वॉच टावर से देख सकेंगे प्रवासी पक्षी
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार समान पक्षी विहार में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां पर्यटकों को नाव के जरिए पक्षियों को नजदीक से देखने और वॉच टावर से उनके प्राकृतिक व्यवहार का अवलोकन कराने जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। सरकार का जोर पक्षी विहारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट से जोड़ने पर भी है।
सोलर लाइटिंग से जैव विविधता अध्ययन केंद्र तक की योजना
प्रदेश में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पक्षी विहारों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत वॉच टावर, साइन बोर्ड, सोलर लाइटिंग और जैव विविधता अध्ययन केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। समान पक्षी विहार के पास 6 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को मिलने के बाद पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के कई पक्षी विहार पर्यटन मानचित्र पर
प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार, सैंडी पक्षी विहार, बखिरा पक्षी विहार, विजय सागर पक्षी विहार, लाख बहोसी पक्षी विहार और समसरोवर पक्षी विहार जैसे प्रमुख स्थल हैं। इन स्थानों पर विशेष रूप से शरद ऋतु में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। समान पक्षी विहार को नए पर्यटन विकास से जोड़ने का फैसला उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।