अयोध्या। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के महोत्सव मनाने के लिए रामलला के सामने अक्षत पूजन किया जाएगा। एक से 15 जनवरी तक देश के 5 लाख गांवों में पूजित अक्षत जाएगा।पूजित अक्षत को पूरे देश में वितरण का काम विश्व हिंदू परिषद के पूरे देश के 50 केंद्रों से कार्यकर्ता क्रमबद्ध तरीके से लोगों तक पूजित अक्षत को पहुंचाएंगे इसमें प्रमुख रूप से 1 जनवरी से 15 जनवरी तक हिंदुस्तान के पांच लाख गांव में पूजित अक्षत पहुंचाया जाएगा। अक्षत के साथ गांवों तक यह संदेश दिया जाएगा कि लो अपने आसपास के मठ मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी करें भव्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजन करें। इसके साथ ही प्रतिष्ठा के दिन सूर्यास्त के बाद पूरे देश में अपने-अपने घरों के सामने पांच दीपक जलाएं। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने चंपत राय के अनुसार रामलला की प्रतिष्ठा के पश्चात रामलला की फोटो लेकर अयोध्या आने वाले प्रत्येक दर्शनार्थी को प्रसाद के तौर पर वितरित किया जाएगा और रामलला की फोटो आगामी 2 वर्षों में 10 करोड़ घरों तक पहुंचे इसका लक्ष्य रखा गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार 2020 से 31 मार्च 2023 तक निर्माण कार्य में और उससे जुड़े हुए कार्य में कुल 900 करोड रुपए खर्च हुए हैं इसके अलावा रामलला के बैंक खातों में फिक्स और बचत खाते में लगभग 3000 करोड़ से ज्यादा की धनराशि बनी हुई है। रामलला के मंदिर निर्माण और से जुड़े कार्य के लिए खर्च में प्रमुख रूप से प्रतिदिन मंदिर के चढ़ावे को ही लिया जा रहा है।
प्राण प्रतिष्ठा के लिए 5 नवंबर को रामलला अक्षत पूजन