चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत आज कई मंत्रियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। आपदा प्रबंधन मंत्री ब्रम शंकर जिम्पा ने जहाँ मोहाली जिले के एक दर्जन के करीब बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया वहीं जल स्रोत मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने भी डेरा बस्सी इलाके में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लिया। पातड़ां के बाढ़ प्रभावित इलाके में पिछले कई दिनों से सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा लोगों की तनम न से सेवा कर रहे हैं और सुनाम इलाके में आज मंत्री अमन अरोड़ा ने दौरा किया। इसके इलावा बाकी मंत्री और विधायक भी अपने-अपने इलाकों में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं। इस दौरान सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह ने अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष फंड को देने का ऐलान किया है जिससे इसको बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
उधर मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर राहत कार्य जंगी स्तर पर चल रहे हैं। 22764 बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति सुधरने के बाद राहत कैंपों की संख्या 183 से घटा कर 161 कर दी गई है। एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 जुलाई प्रातः काल 8 बजे तक 14 जिलों के 1179 गाँव बाढ़ प्रभावित हुए हैं। इस समय पर जो 14 ज़िले बाढ़ का कहर बर्दाश्त कर रहे हैं उनमें पटियाला, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट, तरन तारन, फ़िरोज़पुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, मोहाली और संगरूर के नाम शामिल हैं।
लोगों के स्वास्थ्य को मद्देनज़र रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने रैपिड रिस्पांस टीमों की संख्या 315 से बढ़ा कर 409 कर दी है जबकि मैडीकल कैंपों की संख्या भी 186 से बढ़ा कर 252 कर दी गई है। अब तक कुल ओपीडी 9204 पर पहुंच उठाई है। पशु पालन विभाग ने बताया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 1730 पशुओं का इलाज किया गया है और 7255 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इसके इलावा ज़्यादातर जिलों ने अपनी एच. एस. टीकाकरण मुहिम पूरी कर ली है। राहत कामों में लगीं टीमें जरूरतमंद पशुओं का इलाज, फीड सप्लाई और चारा आदि मुहैया करवाने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं। उन्होंने आगे जानकारी देते हुये बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूखे फूड पैकटों का लगातार वितरण किया जा रहा है। सिर्फ़ पटियाला (37000) और रूपनगर (18930) में ही 57 हज़ार से ज़्यादा सूखे फूड पैक्ट बाँटे जा चुके हैं।