अयोध्या। सीएम योगी का लक्ष्य अयोध्या को दुनिया की सुंदरतम नगरी बनाना है। इसके अनुरूप जल्द ही अयोध्या का स्वरूप बदला नजर आएगा। सनातन धर्म के केंद्र बिंदु अयोध्या में पर्यटन, संस्कृति व धार्मिक रूप से तेज गति से सुनियोजित विकास किया जा रहा है। हर कार्य प्राथमिकता से कराया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने विगत दिनों समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश दिया था। कि समय-समय पर अयोध्या आकर भौतिक स्थलीय सत्यापन करें। 500 वर्षों के इंतजार के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम अपने मंदिर में विराजमान होंगे तो इसके पहले जन्मभूमि पथ का भी तेजी से विकास हो जाएगा। यह कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं।
मंगलवार को जिलाधिकारी नितीश कुमार ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर को जोड़ने वाले प्रमुख सम्पर्क मार्गो यथा जन्मभूमि पथ एवम् भक्ति पथ का स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियो को पथ निर्माण के विभिन्न कार्यो में तेजी लाने तथा समस्त कार्यो को अगणन की विशिष्टियो के अनुरूप गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने बताया कि भक्ति पथ श्रृंगारहाट से हनुमान गढ़ी होते हुए जन्मभूमि पथ तक पर भूमि अधिग्रहण, ध्वस्तीकरण, सीवर का शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं। इसी के साथ ही यूटीलिटी डक्ट का 85 प्रतिशत, ड्रेन का 81 प्रतिशत, वाटर पाइप लाइन का 66 प्रतिशत कार्य पूर्ण है।
इसी प्रकार जन्मभूमि पथ सुग्रीव किला से श्री रामजन्म भूमि मंदिर तक पर यूटीलिटी डक्ट, ड्रेन मिट्टी का शतप्रतिशत, सीवर लाइन व वाटर पाइप लाइन, जी.एस.बी./डब्लू.एम.एम. एवं एम.15 कंकरीट कार्य 99 प्रतिशत पूर्ण है, डी.बी.एम. 95 प्रतिशत, आगरा रोड स्टोन का 90 प्रतिशत, स्ट्रीट लाइट का 80 प्रतिशत तथा पब्लिक यूटीलिटी डक्ट का 22 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने दोनो मार्गो के शेष कार्यो को अपेक्षित समय में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने विभिन्न मार्गो के निर्माण के दौरान जन-सामान्य की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिये।