• Sat. Aug 22nd, 2026

बहुचर्चित कवियत्री मधुमिता हत्या काण्ड! दो बार स्थगित हुआ था अमर मणि त्रिपाठी की 9 मई 2003 की नौतनवां स्थित उनके आवास पर होने वाली पत्रकार वार्ता

उमेश तिवारी

नौतनवां महराजगंज। ये अमर मणि त्रिपाठी की 9 मई 2003 की फोटो है। जब नौतनवां स्थित अपने आवास पर सुबह 9 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे थे तभी अचानक कहीं से एक फोन काल आया। फोन काल आते ही उनके चेहरे पर सिकन आ गई । उन्होंने यह कहते हुए प्रेस कांफ्रेंस टाल दिया कि मुझे तत्काल लखनऊ जाना है मुख्यमंत्री जी ने बुलाया है और वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए थे। बता दें कि यह प्रेस कांफ्रेंस पहले 8 मई 2003 को रात आठ बजे होना था पर महराजगंज जिला मुख्यालय पर किसी विशेष कार्य बस देर होने के कारण उस रात के प्रेस कांफ्रेंस का कार्यक्रम रद कर दिया गया था। पुनः पत्रकारों सूचना दी गई कि अब प्रेस कांफ्रेंस कल सुबह नौ बजे होगा। सभी पत्रकार वापस अपने – अपने घर चले गये थे। दूसरे दिन यानि 9 मई 2003 को ये सभी पत्रकार पुनः पत्रकार वार्ता में पहुंचे थे। जिनमें अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार जगन्नाथ त्रिपाठी, दैनिक जागरण के उमेश चन्द्र त्रिपाठी, राष्ट्रीय सहारा के जगदीश गुप्त, दैनिक आज के कैलाश नाथ पाठक और ईटीवी के जिला संवाददाता दिलीप त्रिपाठी उनके आवास पर मौजूद रहे।

ये वो तारीख है जब लखनऊ के पेपर मिल कालोनी स्थित घर में युवा कवियित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 23 सितंबर 2003 को सीबीआई ने अमर मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया था। अक्टूबर 2007 में देहरादून की एक अदालत ने मधुमिता शुक्ला की हत्या के आरोप में अमर मणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 25 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अमर मणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को रिहा कर दिया।

Leave a Reply