प्रयागराज। पेय जल का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। इसके लिए आवश्यक है कि लोगों के घरों में आपूर्ति की जा रही पेय जल की गुणवत्ता की निगरानी की जाय। योगी सरकार ने संगम नगरी प्रयागराज के लिए बड़ी सौगात दी है। यहां पेय जल की गुणवत्ता परखने वाली अत्याधुनिक लैब का निर्माण किया गया है।
₹1.02 करोड़ की लागत से तैयार हुई अत्याधुनिक लैब

शहर वासियों के घरों में आपूर्ति किए जाने वाले पेय जल की गुणवत्ता उनके स्वास्थ्य को सीधे तौर से जुड़ी हुई है। प्रयागराज में अब लोगों के घरों में आपूर्ति किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता और बेहतर हो सकेगी । प्रदेश सरकार की तरफ से शहर के खुसरो बाग में इसके लिए अत्याधुनिक जांच लैब स्थापित की गई है। कलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव के मुताबिक स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परिसर में ₹1.02 करोड़ की लागत से यह लैब बनाई गई है जिसमे गुणवत्ता के अधिक मानकों की जांच हो सकेगी । उनका यह भी कहना है कि प्रदेश के नगर निकायों में इस तकनीकी पर बनाई गई यह पहली एडवांस लैब है जिसमे शहर के साथ दूसरे निकायों से भेजे गए जल के नमूनों की जांच हो सकेगी
लैब में 33 मानकों पर होगी जांच
यह एडवांस लैब कई तरह पेय जल की गुणवत्ता के परखने में कारगर साबित होगी। जलकल महाप्रबंधक कुमार गौरव बताते हैं कि अभी तक शहर में जो परंपरागत लैब वाटर टेस्टिंग के लिए बनी थी। उसमे केवल 7 मानकों की टेस्टिंग हो सकती थी। लेकिन अब 33 मानकों की टेस्टिंग इस अत्याधुनिक लैब से हो सकेगी। प्रयोगशाला में जल के नमूनों के पीएच मूल्य, टीडीएस, अवशिष्ट क्लोरीन, कठोरता , जस्ता , नाइट्राइट, फ्लोराइड, टर्बिडिटी और सूक्ष्म जैविक परीक्षण जैसे जल गुणवत्ता के 33 मापदंडों को परखा जा सकेगा।
जांच में होगी समय की बचत
शहर में अभी तक अधिक सूक्ष्म जांच के लिए जल के नमूने लखनऊ भेजे जाते थे जिसकी जांच में तीन से चार दिन लगते थे। लेकिन अब इस हाईटेक लैब के स्थापित हो जाने पर इसमें 8 से 12 घंटे के भीतर विस्तृत जांच हो जाएगी और उसकी रिपोर्ट मिल जाएगी। जलकल महाप्रबंधक के मुताबिक शहर के नागरिकों को शुद्ध और मानक के अनुरूप पेयजल मिल सके इसके लिए यह लैब मील का पत्थर साबित होगी।