• Fri. Sep 25th, 2026

UP News: ज्ञानेश कुमार का मेरठ-वाराणसी दौरा स्थगित, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का था कार्यक्रम: खर्च को लेकर भी उठे सवाल

मेरठ/लखनऊ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। मेरठ में 25 सितंबर को निर्वाचक साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) एवं ईसीआईनेट के क्षेत्रीय सम्मेलन के साथ युवाओं और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ संवाद होना था। वहीं वाराणसी में 28 सितंबर को जेन-जी युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित था। दोनों कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम स्थगित करने का स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मेरठ कार्यक्रम के लिए डेढ़ करोड़ से अधिक का बजट

मेरठ में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सामने आई निविदा जानकारी के अनुसार आयोजन के लिए कुल 1 करोड़ 53 लाख 80 हजार रुपये का बजट रखा गया था। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निकाली गई निविदा में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम और लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग मदों में खर्च निर्धारित किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार टेंटेज, ब्रांडिंग, ऑडियो-विजुअल, फ्लोरिंग, लाइटिंग और जनरेटर समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए 1 करोड़ 14 लाख 76 हजार रुपये का बजट रखा गया था। दोनों स्थानों पर भोजन की व्यवस्था के लिए 39 लाख 4 हजार रुपये निर्धारित किए गए थे। दोनों मदों को जोड़ने पर कुल राशि 1.53 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।

मेरठ में युवाओं और शिक्षकों से होना था संवाद

मेरठ के कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को शामिल किया जाना था। इसका उद्देश्य युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सेवाओं और डिजिटल माध्यमों के बारे में जानकारी देना तथा उनके सवालों का जवाब देना था।

चुनाव आयोग की ओर से अगस्त में लखनऊ में भी यूपी के बीएलओ के साथ इसी तरह का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम में 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ सुपरवाइजर शामिल हुए थे। आयोग ने बीएलओ को मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।

वाराणसी में भी होना था कार्यक्रम

मेरठ के बाद वाराणसी में भी 28 सितंबर को युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित था। यहां युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं और मतदाता सुविधाओं के बारे में जानकारी देने की योजना थी। अब मेरठ के साथ वाराणसी का कार्यक्रम भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

कार्यक्रम स्थगित होने का कारण स्पष्ट नहीं

मुख्य चुनाव आयुक्त का यूपी दौरा ऐसे समय स्थगित हुआ है, जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच कुछ निर्णयों को लेकर मतभेद के दावे किए गए हैं।

हालांकि, कार्यक्रम स्थगित करने की आधिकारिक वजह चुनाव आयोग ने नहीं बताई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मौजूदा विवाद और संभावित विरोध को इसकी वजह से जोड़ा गया है, लेकिन इसे आधिकारिक कारण के रूप में नहीं बताया गया है।

21 सितंबर को ही तैयारियां रोकने की रिपोर्ट

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ में कार्यक्रम की तैयारियां 21 सितंबर को ही रोक दी गई थीं और उसी दिन दौरा स्थगित होने का संकेत प्रशासन को मिल गया था। हालांकि, कार्यक्रम स्थगित करने के कारण से संबंधित आधिकारिक पत्र में कोई विस्तृत वजह नहीं बताई गई थी।

ऐसे में फिलहाल स्पष्ट तथ्य यह है कि ज्ञानेश कुमार का 25 सितंबर का मेरठ और 28 सितंबर का वाराणसी कार्यक्रम स्थगित है, जबकि मेरठ के आयोजन के लिए जारी निविदा में 1.53 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था का प्रावधान था। कार्यक्रम दोबारा होगा या नहीं और निविदा के तहत कितना वास्तविक खर्च हुआ, इसकी जानकारी आगे प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट हो सकती है।

Leave a Reply