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UPITS 2026: अमित शाह ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ, 600 विदेशी खरीदारों की मौजूदगी: दुनिया के सामने दिखी यूपी की औद्योगिक ताकत

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर, स्थानीय उत्पादों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने नजर आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। पांच दिवसीय यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हो रहा है। इस बार 2,400 से अधिक प्रदर्शक और 600 से अधिक विदेशी खरीदार कारोबार के नए अवसर तलाशने के लिए जुटे हैं।

ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के ओडीओपी उत्पादों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, कृषि, वस्त्र, हस्तशिल्प, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधुनिक विनिर्माण तक के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों और निर्माताओं को घरेलू तथा वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ना है।

बढ़ती भागीदारी से मजबूत हुआ वैश्विक कारोबारी मंच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो पिछले चार वर्षों में प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत आपूर्ति शृंखला और उद्यमियों की विश्वसनीयता के कारण दुनिया का भरोसा बढ़ा है।

सीएम ने कहा कि यह आयोजन परंपरा और तकनीक, विरासत और नवाचार तथा हुनर और बाजार को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है। उनके अनुसार स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं।

आधिकारिक आयोजन जानकारी के अनुसार इस वर्ष 2,400 से अधिक प्रदर्शक, करीब 1.5 लाख बी2बी खरीदार एवं आगंतुक और 4.5 लाख सामान्य आगंतुकों के पहुंचने का अनुमान है।

अमित शाह ने परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को उत्तर प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की क्षमता को पहचानने वाली सोच का प्रेरणास्रोत बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचानने पर जोर दिया गया था। इसी सोच के तहत बाद में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) को प्रदेश की प्रमुख पहल के रूप में आगे बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों, जिलों और स्थानीय समूहों में मौजूद हुनर को पहचानकर उसे प्रशिक्षण, तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग, प्रमाणन, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़ा गया है।

गांव के हुनर से वैश्विक बाजार तक पहुंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभा और परंपरागत हुनर की कमी कभी नहीं रही। जरूरत इस क्षमता को पहचानकर उसे उचित अवसर और बाजार उपलब्ध कराने की थी।

सरकार की ओर से ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। इसके साथ एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार से उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिली है।

79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 के लिए आवेदन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जबकि 75 अन्य उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है।

भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, कन्नौज का इत्र और वाराणसी की रेशमी साड़ियां जैसे पारंपरिक उत्पादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब वैश्विक बाजार में कारोबारी पहचान बना रही है।

छह देशों के विशेष पवेलियन

यूपीआईटीएस 2026 में ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम साझेदार देशों के रूप में शामिल हैं। इन देशों के विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं।

आयोजकों के मुताबिक इन देशों की भागीदारी से व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, निवेश, सोर्सिंग और बाजार संपर्क के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के अनुसार यूपीआईटीएस में इस बार 1,000 से अधिक भारतीय विक्रेताओं, निर्यातकों और निर्माताओं को 600 से अधिक विदेशी खरीदारों से जोड़ने की योजना है।

एक करोड़ से अधिक एमएसएमई, तीन करोड़ से ज्यादा रोजगार

एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की कारोबारी पहचान का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ दिया जा चुका है। 14 नए ट्रेड शामिल किए जाने के बाद अब 25 ट्रेड में प्रशिक्षण और टूलकिट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

ओडीओसी पोर्टल का भी शुभारंभ

उद्घाटन समारोह के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-कार्ट से ट्रेड शो का भ्रमण किया। दोनों नेताओं ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर उत्पादों की जानकारी ली और उद्यमियों से बातचीत की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से तैयार राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अमित शाह ने ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पोर्टल का शुभारंभ भी किया।

पिछले संस्करण से और बड़ा हुआ आयोजन

यूपीआईटीएस के पिछले संस्करणों की तुलना में इस बार आयोजन का अंतरराष्ट्रीय दायरा बढ़ा है। 2025 के संस्करण में 2,228 प्रदर्शक और 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी दर्ज हुई थी। आधिकारिक आयोजन मंच के अनुसार पिछले संस्करण में 5.07 लाख से अधिक लोग पहुंचे थे और 1,882 करोड़ रुपये मूल्य के 2,400 से अधिक एमओयू दर्ज किए गए थे।

इस वर्ष आयोजन में ओडीओपी के साथ ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ को भी विशेष स्थान दिया गया है। व्यापार के साथ प्रदेश की संस्कृति, खान-पान और स्थानीय पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है।

ये गणमान्य रहे मौजूद

उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, भूपेंद्र चौधरी, राकेश सचान, डॉ. संजय निषाद, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा और महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, प्रदर्शक और उद्यमी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

25 से 29 सितंबर तक चलने वाला यूपीआईटीएस 2026 उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने पर केंद्रित है।

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