लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं के पूर्वानुमान के बीच पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। 25 सितंबर की रात जारी चेतावनी में सोनभद्र से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों तक अलग-अलग समयावधि में मौसम के अधिक प्रभाव की आशंका जताई गई है। बिजली विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यालय पर मौजूद रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। 27 सितंबर को भी पूर्वी यूपी में भारी बारिश और आंधी-गरज की चेतावनी है।
छत्तीसगढ़ से यूपी की ओर बढ़ रहा डिप्रेशन
आईएमडी के अनुसार 25 सितंबर की शाम डिप्रेशन उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय था और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। इसके दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई थी। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
इसी मौसम प्रणाली को देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने अपने अधिकारियों को बिजली आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र-मिर्जापुर में रात से सबसे ज्यादा सतर्कता
विभाग की चेतावनी के अनुसार सोनभद्र और मिर्जापुर में रात से ही मौसम के प्रभाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके बाद प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में सुबह से दोपहर तक विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सबसे अधिक जोखिम वाले जिलों में सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ शामिल किए गए हैं।
इन जिलों में शाम से बढ़ेगा बारिश का असर
विभाग ने दूसरे चरण में महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और संत कबीर नगर को रखा है। यहां 26 सितंबर की शाम से 27 सितंबर की सुबह तक भारी बारिश वाले मौसम को देखते हुए बिजली व्यवस्था की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया में भी 26 सितंबर को दोपहर से रात तक मौसम खराब रहने की आशंका के बीच विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
तेज हवा में प्रभावित फीडर तत्काल बंद करने के निर्देश
बिजली विभाग ने निर्देश दिया है कि तेज हवा, पेड़ या बिजली के खंभे गिरने, तार टूटने अथवा स्पार्किंग की स्थिति में संबंधित 11 केवी फीडर को तत्काल बंद किया जाए। हालांकि पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी, बल्कि केवल प्रभावित फीडर को सुरक्षा कारणों से बंद करने को कहा गया है।
फीडर बंद करने के बाद लाइन की पूरी जांच की जाएगी। टूटे कंडक्टर, झुके हुए खंभे और बिजली लाइनों में फंसी शाखाओं को हटाने के बाद ही आपूर्ति बहाल की जाएगी। बिना जांच के बिजली चालू नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल और जरूरी सेवाओं वाली बिजली लाइन पर विशेष ध्यान
अस्पताल, जलापूर्ति केंद्र और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े फीडर को केवल आखिरी विकल्प के रूप में बंद करने को कहा गया है। यदि इन्हें बंद करना पड़े तो इन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाएगा। अस्पतालों को पहले से ही वैकल्पिक बिजली व्यवस्था और डीजी सेट तैयार रखने की सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली गिरने और तेज हवा में लाइन पर काम नहीं होगा
विभाग ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। बिजली कड़कने या तेज हवा के दौरान लाइन पर किसी प्रकार का काम नहीं किया जाएगा। बिजली बहाली का कार्य निर्धारित शटडाउन और परमिट-टू-वर्क प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा। अर्थिंग और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल के साथ ही लाइन पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मरम्मत का सामान पहले से रखने के निर्देश
संभावित फाल्ट और नुकसान से निपटने के लिए बिजली विभाग ने संबंधित अधिकारियों को गैंग, आरी-कुल्हाड़ी, सीढ़ी, अतिरिक्त बिजली के खंभे, कंडक्टर, इंसुलेटर और ट्रांसफार्मर आदि आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध रखने को कहा है। जिला प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गिरे तारों से दूर रहें, 1912 पर दें सूचना
विभाग ने उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हो तो उसे किसी भी स्थिति में न छुएं और न ही उसके पास जाएं। ऐसी स्थिति में तत्काल बिजली विभाग के 1912 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देने को कहा गया है।
बिजली विभाग ने एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को मौसम और बिजली सुरक्षा संबंधी चेतावनियां पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
हर तीन घंटे में मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट
जिन फीडरों को सुरक्षा कारणों से बंद किया जाएगा, उनके संबंध में कारण, बंद करने का समय और बिजली बहाली का समय दर्ज किया जाएगा। इसकी जानकारी हर तीन घंटे में मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष को देने के निर्देश हैं। किसी भी बिजली दुर्घटना की सूचना तत्काल देने को कहा गया है।
एक नजर में बिजली विभाग की चेतावनी
– अधिक जोखिम: सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़
– भारी बारिश का संभावित क्षेत्र: महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, संत कबीर नगर
– अलर्ट वाले जिले: वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया
– हवा: विभागीय चेतावनी में करीब 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवा और झोंकों में 65 किमी प्रति घंटे तक की संभावना बताई गई है।
– बिजली सुरक्षा: प्रभावित 11 केवी फीडर को जरूरत पड़ने पर बंद किया जाएगा।
– उपभोक्ता हेल्पलाइन: 1912