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यूपी में बारिश और बाढ़ को लेकर योगी सरकार अलर्ट, रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, आंधी-वज्रपात और आकस्मिक बाढ़ की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ जरूरत के अनुसार स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में उतरकर स्थिति पर नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि से होने वाली क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों और जलाशयों में स्नान करने से बचें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जीर्ण-शीर्ण मकानों, कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाने को कहा गया है।

प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने और राहत-बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

अधिकारियों को आमजन से लगातार संवाद बनाए रखने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

27 सितंबर तक बारिश का दौर

भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 28 सितंबर से उत्तर प्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों के लिए कोई वर्षा चेतावनी नहीं दी गई है।

इन जिलों में रेड अलर्ट को लेकर विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बस्ती, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन को सक्रिय रखा गया है।

अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने को कहा गया है।

आंधी-वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

राहत विभाग ने तेज आंधी और आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों, बाग और पार्कों में जाने से बचने की सलाह दी है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई व्यक्ति खराब मौसम के दौरान खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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