उमेश तिवारी
नेपाल। के सुदूर पश्चिम जिले बांके में एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। हिंदू और मुस्लिम समुदाय आमने-सामने आ गए हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नेपालगंज क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
हालांकि इससे पहले मंगलवार को नेपालगंज में सड़कों पर उतरकर लोगों ने प्रदर्शन किया। आगजनी व तोड़फोड़ देख स्थानीय प्रशासन के हांथ पांव फूल गए। हालात इस कदर बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम चलाते हुए कई राउंड हवाई फायरिंग की।उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी, साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान सात लोग घायल भी हो गए। हालांकि अब बांके जिला प्रशासन ने नेपालगंज में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी किया है।
क्या है मामला ?
तनाव का कारण एक सोशल मीडिया पोस्ट है, जो बांके नरैनापुर के एक युवक ने किया है। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि युवक ने यह पोस्ट तब किया, जब 28 सितंबर को मुस्लिम समुदाय ईद-मिलाद-उन-नबी मना रहा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट वायरल होते ही मुस्लिम समुदाय में गुस्सा फैल गया। नाराज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दो दिन पहले नेपालगंज में प्रदर्शन करते हुए आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। इसके जवाब में हिन्दू समुदाय के लोग भी सड़कों पर उतरे और जमकर हंगामा काटा।
मौजूदा हालात को देखते हुए नेपालगंज के सभी स्कूल-कालेज और दुकानें बंद कर दिए गए हैं।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। बांके के प्रमुख जिलाधिकारी विपिन आचार्य ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किए जाने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि अभी हफ्ते भर पहले नेपाल के सर्लाही जिले में दो पक्षों के बीच तनाव देखने को मिला था। यह विवाद गणेश की मूर्ति विसर्जन को लेकर हुआ था। इस दौरान भी प्रशसन को तनाव को कम करने के लिए कर्फ्यू लगाना पड़ा था।