लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को योगी सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, कथित फर्जी एनकाउंटर और PDA के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर बढ़ा है और समाजवादी पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष अगले दो सप्ताह के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में अन्याय और भ्रष्टाचार के मामलों को प्रेस के माध्यम से सामने रखेंगे। उनके इन बयानों की आज की रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।
‘मुख्यमंत्री के स्वजातीय लोगों के निशाने पर PDA’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि PDA समाज मुख्यमंत्री के स्वजातीय लोगों के निशाने पर है। उन्होंने यूपी एसटीएफ को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और दावा किया कि प्रदेश में फर्जी एनकाउंटरों में जाति देखकर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी ऐसे मामलों की जांच कराएगी। अखिलेश के इन आरोपों को फिलहाल उनके राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘दो हफ्ते में जिलाध्यक्ष खोलेंगे अन्याय की पोल’
सपा प्रमुख ने पार्टी संगठन को भी सक्रिय करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्ष दो सप्ताह के अंदर प्रेस के माध्यम से अन्याय के मामलों का खुलासा करेंगे। पार्टी की यह रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव से पहले स्थानीय स्तर पर सरकार को घेरने की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है। अखिलेश यादव लगातार PDA को अपनी पार्टी की राजनीतिक रणनीति का प्रमुख आधार बताते रहे हैं। ताजा बयान में भी उन्होंने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
‘इनके मॉडल पैसे बनाने के हैं, सड़क बनाने के नहीं’
विकास परियोजनाओं को लेकर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मॉडल विकास के बजाय पैसे बनाने के मॉडल हैं। सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्टों को लेकर सपा प्रमुख पहले भी सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं।
26 हजार प्राथमिक स्कूलों का मुद्दा भी उठाया
अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार प्राथमिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं और कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन्हें दोबारा शुरू कराया जाएगा। इस मुद्दे पर आज की रिपोर्टों में भी उनके इसी दावे का उल्लेख सामने आया है।
2027 से पहले तेज होगी सियासी लड़ाई
अखिलेश यादव के ताजा बयानों से साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले PDA, कानून-व्यवस्था, कथित एनकाउंटर, भ्रष्टाचार, शिक्षा और विकास परियोजनाएं विपक्ष के प्रमुख चुनावी मुद्दे बनने जा रहे हैं। सपा जहां इन मुद्दों के जरिए योगी सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर पलटवार की संभावना है।