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यूपी चुनाव 2027: अमरमणि त्रिपाठी की सियासी वापसी, फरेंदा से लड़ने का ऐलान नौतनवा से बेटे अमनमणि पर दांव

महराजगंज। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्वांचल की राजनीति में एक बार फिर अमरमणि त्रिपाठी की सक्रियता चर्चा में आ गई है। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी ने करीब दो दशक बाद सार्वजनिक राजनीतिक मंच से महराजगंज की फरेंदा विधानसभा सीट से 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। साथ ही उन्होंने अपने बेटे और पूर्व नौतनवा विधायक अमनमणि त्रिपाठी को नौतनवा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने की बात कही है।

महराजगंज के आनंदनगर स्थित कृष्णा मैरिज हॉल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में अमरमणि त्रिपाठी ने अपने पुराने राजनीतिक रिश्तों का हवाला देते हुए फरेंदा से चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से जनता के बीच रहकर राजनीति करता आया है और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहेगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चुनावी अंदाज में चुनौती देते हुए कहा कि “कोई हो इसके मुकाबले का, तो बताओ।

फरेंदा और नौतनवा पर परिवार का फोकस

अमरमणि के इस ऐलान के बाद महराजगंज जिले की फरेंदा और नौतनवा विधानसभा सीटों को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। फरेंदा से अमरमणि के मैदान में उतरने और नौतनवा से अमनमणि के संभावित चुनाव लड़ने की घोषणा ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है। हालांकि, अमरमणि त्रिपाठी ने अभी किसी राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है।

फरेंदा विधानसभा सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी विधायक हैं। वहीं नौतनवा सीट त्रिपाठी परिवार की राजनीति से लंबे समय से जुड़ी रही है। अमनमणि त्रिपाठी 2017 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नौतनवा से विधायक चुने गए थे, जबकि 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के बाद सियासत से दूरी

अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है। वह चर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी ठहराए गए थे। इस मामले में अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को उम्रकैद की सजा हुई थी। वर्ष 2023 में लंबे समय तक जेल में रहने के बाद दोनों की समयपूर्व रिहाई का रास्ता साफ हुआ। उस समय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उनकी रिहाई का मामला भी पहुंचा था।

रिहाई के बाद अब अमरमणि की सक्रिय राजनीतिक मौजूदगी ने पूर्वांचल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। खास तौर पर महराजगंज और गोरखपुर क्षेत्र में उनके पुराने राजनीतिक प्रभाव और परिवार की सक्रियता को लेकर राजनीतिक दलों की रणनीति पर नजरें टिक गई हैं।

अमनमणि भी संभालेंगे नौतनवा की कमान

अमरमणि त्रिपाठी के साथ उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी की राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ती दिखाई दे रही है। अमनमणि पहले नौतनवा से विधायक रह चुके हैं। अब 2027 के लिए पिता ने फरेंदा और बेटे के लिए नौतनवा का नाम सामने रखकर त्रिपाठी परिवार ने दोनों सीटों पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी का संकेत दिया है। हालांकि, चुनाव में अभी समय है और अंतिम तस्वीर राजनीतिक दलों के टिकट वितरण तथा गठबंधन के समीकरण स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल अमरमणि के ऐलान ने महराजगंज की राजनीति में चुनावी हलचल जरूर बढ़ा दी है।

2027 से पहले बदलेंगे सियासी समीकरण

अमरमणि त्रिपाठी की वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे जोर पकड़ रही हैं। महराजगंज की फरेंदा और नौतनवा सीटों पर उनके परिवार की संभावित सक्रियता से मुकाबले के समीकरण बहुकोणीय होने की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषण में उनकी पुरानी पकड़ के साथ-साथ उनके अतीत से जुड़े विवादों को भी महत्वपूर्ण चुनावी फैक्टर माना जा रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमरमणि

त्रिपाठी किस राजनीतिक दल के टिकट पर या किस रणनीति के साथ 2027 के मैदान में उतरेंगे। उनके ऐलान के बाद महराजगंज की फरेंदा और नौतनवा सीटें यूपी चुनाव की चर्चित सीटों में शामिल होती दिख रही हैं।

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