अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान घर और दुकानें गिराए जाने को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ ने महानगर कमेटी के पदाधिकारियों के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद पूर्व सभासद मुरारी यादव की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। अखिलेश यादव ने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
सपा प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट के अनुसार, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय के साथ महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव, महासचिव हामिद जाफर मीसम और उपाध्यक्ष श्रीचंद यादव समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे।
11 घर-दुकान गिराए जाने का लगाया आरोप
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने आरोप लगाया कि चौड़ीकरण की कार्रवाई में 11 घर और दुकानों को गिराया गया है। उन्होंने पूर्व भाजपा सभासद मुरारी यादव के घर को बिना नोटिस गिराए जाने का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि एक प्रभावित परिवार में शादी थी और परिवार को पर्याप्त जानकारी दिए बिना मकान गिराए जाने से उनके आभूषण मलबे में दब गए।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई चिन्हित भवनों के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई और प्रभावित भवन स्वामियों को नोटिस दिए गए थे। प्रशासन की ओर से मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात भी सामने आई है।

न्यायालय और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल
सपा महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि प्रभावित भवनों को गैरकानूनी तरीके से गिराया गया और कुछ मामले न्यायालय में होने के बावजूद कार्रवाई की गई। उन्होंने पूर्व सभासद मुरारी यादव को कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया।
समाजवादी पार्टी ने प्रभावित परिवारों को दोबारा आवास उपलब्ध कराने और ध्वस्तीकरण के बाद सामान ले जाने के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने जनरेटर और एसी समेत सामान उठाए जाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर भी प्रशासन या पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
भाजपा नेताओं ने भी उठाए थे कार्रवाई पर सवाल
14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण को लेकर इससे पहले भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे। भाजपा नेताओं ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मुलाकात कर कार्रवाई में समानता और प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर प्रभावित लोगों को न्याय का आश्वासन दिया था।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों की ओर से मुआवजे और सुनवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच समिति ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनका पक्ष दर्ज किया है।
14 कोसी मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी
अयोध्या जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण परियोजना के लिए बहुविषयक विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट 16 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई थी। इसके अलावा दो गांवों के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना भी अगस्त में प्रकाशित की गई है। इससे स्पष्ट है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और चौड़ीकरण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है।
फिलहाल चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर प्रशासन, प्रभावित परिवारों और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले में जांच समिति की रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।